कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक स्वच्छता और नागरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए सुवेंदु सरकार ने एक बहुत बड़ा विधिक व प्रशासनिक निर्णय लिया है। राज्य के शहरी विकास और नगरपालिका मामलों के विभाग ने आधिकारिक घोषणा की है कि अब सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों की खैर नहीं होगी। खुले में शौच करने, सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करने, थूकने, कचरा फैलाने, अवैध रूप से सॉलिड वेस्ट फेंकने और प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग का इस्तेमाल करने वालों पर अब मौके पर ही (On-the-Spot) जुर्माना लगाया जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे नए विधिक नियम
शहरी विकास और नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सोमवार (22 जून 2026) को एक सार्वजनिक संदेश जारी कर इस नई विधिक व्यवस्था की समय-सीमा स्पष्ट की:
- पहला चरण (1 जुलाई 2026): यह दंडात्मक व्यवस्था प्रायोगिक (Pilot) तौर पर सबसे पहले उत्तर बंगाल की चुनिंदा नगरपालिकाओं में लागू की जाएगी।
- दूसरा चरण (1 सितंबर 2026): इसके बाद नियमों का विस्तार करते हुए इसे कोलकाता नगर निगम (KMC) सहित राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में पूरी तरह प्रभावी कर दिया जाएगा।
गरियाहाट बाजार का औचक निरीक्षण बना सख्ती की वजह\
यह कड़ा प्रशासनिक फैसला कुछ दिन पहले मंत्री अग्निमित्रा पॉल द्वारा दक्षिण कोलकाता के प्रसिद्ध गरियाहाट बाजार (Gariahat Market) के औचक निरीक्षण के बाद लिया गया है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दुकानदारों और राहगीरों को कचरा फैलाने तथा नागरिक नियमों (Civic Rules) का उल्लंघन करने पर कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि साफ सड़कें और स्वस्थ समाज सरकार की विधिक प्राथमिकता हैं।
जुर्माने और प्रतिबंधों का विधिक खाका
नगरपालिका अधिनियम के तहत नगर निकायों के स्वास्थ्य निरीक्षकों और अधिकृत विधिक अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के अधिकार दिए जा रहे हैं:
| उल्लंघन का प्रकार (Offence) | प्रशासनिक व विधिक कार्रवाई |
| खुले में शौच और सार्वजनिक पेशाब | तत्काल ऑन-द-स्पॉट जुर्माना (Spot Fine) और विधिक चेतावनी। |
| सार्वजनिक स्थानों पर थूकना और कचरा फैलाना | मौके पर चालान और नियमों के तहत आर्थिक दंड। |
| प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग | उपभोक्ताओं और छोटे दुकानदारों पर ₹200 का तत्काल जुर्माना। |
| अवैध रूप से भारी कचरा फेंकना | नगर निगम अधिनियम के तहत भारी वित्तीय हर्जाना और आवश्यक कानूनी कार्रवाई। |
‘साफ बंगाल, स्वस्थ बंगाल, जिम्मेदार नागरिक’
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि सरकार ने साफ और स्वस्थ बंगाल बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ सरकारी डंडे या विधिक कार्रवाई से किसी राज्य को पूरी तरह स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता, इसके लिए जनभागीदारी (Public Participation) अनिवार्य है।
उन्होंने बाजार प्रबंधन समितियों को कचरा निपटान (Waste Management) की आधुनिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने कस्बों, बाजारों और संस्थानों को प्लास्टिक-मुक्त बनाने के लिए ‘साफ बंगाल, स्वस्थ बंगाल, जिम्मेदार नागरिक’ के इस नए महाअभियान में अपना सक्रिय योगदान दें।

