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Saturday, July 4, 2026

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मुंबई और पालघर में रेस्क्यू का डबल एक्शन: मूसलाधार बारिश और उफनते समुद्र के बीच INS शिकरा ने घायल नाविक को बचाया; तांदुलवाड़ी किले में भटके 6 छात्र भी सुरक्षित रेस्क्यू

मुंबई/पालघर: महाराष्ट्र में भारी मानसूनी बारिश और ‘रेड अलर्ट’ के बीच शनिवार (4 जुलाई 2026) को दो बड़े और जांबाज रेस्क्यू ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। मुंबई के गहरे समंदर में जहां भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने अपनी अदम्य विधा का परिचय देते हुए एक घायल नाविक की जान बचाई, वहीं पालघर पुलिस और स्थानीय बचाव दल ने तांदुलवाड़ी किले के घने जंगलों में भटके कॉलेज के छह छात्र-छात्राओं को विधिक व सुरक्षित रूप से बाहर निकाला।

1. समंदर में INS शिकरा का ‘मिशन मसीहा’: सी किंग हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट

मुंबई तट के पास शनिवार को शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के एक विशाल कच्चे तेल के टैंकर एमटी देश शक्ति (MT Desh Shakti) से एक बेहद चुनौतीपूर्ण मेडिकल इवैक्यूएशन (MEDEVAC) को अंजाम दिया गया:

  • खतरनाक हालात: मुंबई और तटीय इलाकों में जारी मूसलाधार बारिश, बेहद कम दृश्यता (Low Visibility) और समंदर में उठ रही ऊंची लहरों के बीच यह ऑपरेशन शुरू हुआ।
  • रेस्क्यू बास्केट का उपयोग: नौसेना के हवाई स्टेशन आईएनएस शिकरा (INS Shikra) से विधिक रूप से उड़ान भरने वाले अत्याधुनिक सी किंग (Sea King) हेलीकॉप्टर के जांबाज क्रू ने उफनते समुद्र के बीच टैंकर के ऊपर पोजीशन ली। चालक दल ने असाधारण पेशेवर दक्षता दिखाते हुए ‘रेस्क्यू बास्केट’ नीचे उतारी और घायल नाविक को सुरक्षित एयरलिफ्ट किया।
  • गंभीर चोट: नाविक की आंख में एक विधिक हादसे के दौरान गंभीर चोट लगी थी। हेलीकॉप्टर के भीतर ही नौसेना के डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक विधिक उपचार देकर उसकी हालत स्थिर की, जिसके बाद उसे तुरंत मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

2. पालघर: तांदुलवाड़ी किले के घने जंगल और कोहरे में फंसे 6 पर्यटक

दूसरी ओर, पालघर जिले के सफाले स्थित ऐतिहासिक तांदुलवाड़ी किले पर ट्रैकिंग के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। 3 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को नालासोपारा, विरार और दहानू इलाकों से आए छह पर्यटक (चार छात्र और दो छात्राएं) किले की सैर पर गए थे।

तांदुलवाड़ी किला रेस्क्यू ग्रिड⎩⎧​फंसे हुए नागरिक:संकट का कारण:आपातकालीन कॉल:​पालघर के दांडेकर कॉलेज के 6 विद्यार्थी (4 पुरुष, 2 महिलाएं)।किले से उतरते समय अचानक आया घना कोहरा, मूसलाधार बारिश और फिसलन।रास्ता भटककर घने जंगल में फंसने पर छात्रों ने विधिक हेल्पलाइन **112** पर कॉल किया।​

3. पुलिस और स्थानीय ‘पुलिस पाटिल’ का संयुक्त विधिक अभियानपालघर के पुलिस अधीक्षक (SP) यतीश देशमुख के विधिक निर्देश पर सफाले पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर कैलाश खाडे, कॉन्स्टेबल रमेश चौधरी, हरि चौधरी और लक्ष्मण भोये की एक टीम तुरंत एक्टिव हुई।
पुलिस टीम ने स्थानीय तांदुलवाड़ी गांव के विधिक प्रशासनिक प्रतिनिधि ‘पुलिस पाटिल’ सुजीत पाटिल और स्थानीय गाइडों के साथ मिलकर रात के अंधेरे और बीहड़ रास्तों में खोजबीन शुरू की। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सभी छह छात्रों को सुरक्षित ढूंढ निकाला गया और उन्हें सकुशल सफाले रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया गया।

प्रशासन की विधिक एडवाइजरी: मानसून में बरतें कड़ी सावधानी

इस सफल रेस्क्यू के बाद पालघर के पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने सभी नागरिकों, ट्रैकर्स और पर्यटकों के लिए एक विधिक व सुरक्षात्मक चेतावनी जारी की है। उन्होंने अपील की है कि मानसून के मौसम के दौरान पहाड़ों, प्राचीन किलों, नदी-झरनों और घने सुदूरवर्ती पर्यटन स्थलों पर जाने से बचें। यदि ट्रैकिंग पर जाएं तो स्थानीय नियमों और विधिक सुरक्षा गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करें। किसी भी प्रकार की आपदा या आपातकालीन विधिक संकट की स्थिति में तुरंत डायल 112 पर संपर्क कर त्वरित सहायता प्राप्त करें।

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