संदीप शास्त्री करेंगे टीम का नेतृत्व; नवंबर तक 11वीं और अगले साल जुलाई तक तैयार होगी 12वीं की किताब
नई दिल्ली:
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए राजनीति विज्ञान (Political Science) की नई पाठ्यपुस्तकें विकसित करने वाली विशेषज्ञ समिति का पुनर्गठन किया है। परिषद के अनुसार, इस पुनर्गठन का प्राथमिक उद्देश्य स्कूली पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान प्रणालियों (IKS), सांस्कृतिक जड़ों और सामाजिक समावेशिता को प्रभावी ढंग से शामिल करना है।
शिक्षाविद और राजनीतिक विश्लेषक संदीप शास्त्री (उपाध्यक्ष, निट्टे डीम्ड विश्वविद्यालय, कर्नाटक) इस नई टीम का नेतृत्व करेंगे। परिषद ने टीम को 11वीं कक्षा की किताब इसी साल नवंबर तक तथा 12वीं की पाठ्यपुस्तक अगले वर्ष जुलाई तक तैयार करने की समयसीमा दी है।
टीम में शामिल प्रमुख शिक्षाविद और विशेषज्ञ
एनसीईआरटी निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नवगठित टीम में विभिन्न विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के प्रमुख विद्वानों को जिम्मेदारी सौंपी गई है:
- यदुनाथ देशपांडे: शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार, जो पूर्व में एबीवीपी महाराष्ट्र के संयुक्त राज्य संगठन सचिव रह चुके हैं।
- प्रशांत दिवेकर: पुणे स्थित ‘ज्ञान प्रबोधिनी’ से जुड़े शिक्षाविद, जिन्होंने राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- प्रो. वंदना मिश्रा व डॉ. रवि रमेशचंद्र शुक्ला: जेएनयू (JNU) के सेंटर फॉर पॉलिटिकल स्टडीज की प्रोफेसर वंदना मिश्रा और सेंटर फॉर कंपेरेटिव पॉलिटिक्स के एसोसिएट प्रोफेसर रवि रमेशचंद्र शुक्ला।
- अन्य प्रमुख सदस्य: जेएनयू से प्रकाश कंडपाल, चाणक्य विश्वविद्यालय से चेतन सिंघई, दिल्ली विश्वविद्यालय से सुकांशिका वत्स, इग्नू से सतीश कुमार, एनएएलयू से नीधि गुप्ता व दिवांशु श्रीवास्तव, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल से प्रणव गुप्ता, पांडिचेरी विश्वविद्यालय से नंद किशोर और उत्कल विश्वविद्यालय से स्वप्ना प्रभु।
- समन्वयक: एनसीईआरटी के वंथंगपुई खोबुंग (समन्वयक) और सुभाष सिंह (सह-समन्वयक) की देखरेख में समिति कार्य करेगी।
पाठ्यपुस्तकों के निर्माण का मुख्य विजन
| पहलू | प्रस्तावित रूपरेखा व उद्देश्य |
|---|---|
| भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) | राजनीति विज्ञान के सिद्धांतों को भारत के प्राचीन और समकालीन राजनीतिक दर्शन के साथ जोड़ना। |
| सांस्कृतिक जुड़ाव व समावेशिता | आधुनिक संदर्भों के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक जड़ों और सामाजिक विविधता का समावेश। |
| समूहों से मार्गदर्शन | सामाजिक विज्ञान, भाषा, पर्यावरण शिक्षा और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों से जुड़े विशेषज्ञ समूहों से दिशा-निर्देश। |

