कल्याण: मुंबई से सटे कल्याण रेलवे स्टेशन के बाहर से छह महीने के एक बच्चे के कथित अपहरण का मामला पुलिस जांच के बाद पूरी तरह से मनगढ़ंत कहानी निकला। पुलिस की गहन तफ्तीश में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि बच्चे की मां ने कल्याण आने से पहले ही अपने मासूम बच्चे को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में अपने माता-पिता के पास सुरक्षित छोड़ दिया था और खुद ही इस पूरी साजिश को रचा था।
सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से खुला महिला का झूठ
गुजरात के वापी की रहने वाली रोशनी सूरज साहू नाम की महिला ने महात्मा फुले पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 14 जुलाई की सुबह जब वह कल्याण रेलवे स्टेशन के बाहर स्काईवॉक के नीचे सो रही थी, तब उसके छह महीने के बेटे आर्यन का किसी ने अपहरण कर लिया। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
कल्याण रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस को महिला की कहानी में बड़ा झोल नजर आया। रोशनी ने पहले दावा किया था कि वह पति से झगड़कर वापी से कल्याण आई थी, लेकिन वह वापी की किसी भी ट्रेन से उतरती नहीं दिखी। आगे की जांच में पुलिस ने पाया कि वह वाराणसी से आने वाली महानगरी एक्सप्रेस से उतरी थी और उसके हाथ में कोई बच्चा नहीं, बल्कि सिर्फ एक शोल्डर बैग था।
पति से अलग होने के लिए रची थी साजिश
कल्याण डिवीजन के एसीपी (ACP) अशोक होनमाने ने बताया कि कड़ाई से की गई पूछताछ के बाद महिला ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस जांच में सामने आए मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
निजी वजह: महिला अपने पति के साथ आगे नहीं रहना चाहती थी और उससे पीछा छुड़ाने के लिए उसने अपहरण का यह झूठा नाटक रचा।
पहले भी कर चुकी है ऐसा: रोशनी की यह दूसरी शादी थी। पहली शादी से भी उसका एक बच्चा है, जो वाराणसी में उसके माता-पिता के पास रहता है। उसने अपने दूसरे बेटे आर्यन को भी वाराणसी में ही छोड़ दिया था।
वाराणसी से बच्चे को लाई पुलिस, हो सकती है कानूनी कार्रवाई
सच्चाई सामने आने के बाद महात्मा फुले पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत वाराणसी रवाना हुई। वहां सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चे को सुरक्षित अपनी कस्टडी में ले लिया गया है। पुलिस टीम महिला और बच्चे को लेकर कल्याण लौट रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात पर कानूनी विचार-विमर्श कर रहे हैं कि पुलिस को गुमराह करने और अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज कराने के आरोप में महिला के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

