पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में हुए चर्चित कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए और चौंकाने वाले विधिक खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच के बीच अब मृतक केतन के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल द्वारा 23 जून 2026 को दर्ज कराई गई विधिक ‘प्रथम सूचना रिपोर्ट’ (FIR) के अंश सामने आए हैं।
इस एफआईआर ने घटना को महज एक हादसा मानने के सिद्धांत को पूरी तरह खारिज कर दिया है। एफआईआर में मुख्य रूप से केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी पर एक सुनियोजित और आपराधिक विधिक साजिश के तहत हत्या (Pre-planned Murder) करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
1. एफआईआर में सिया के व्यवहार पर उठाए गए विधिक सवाल
पिता विशाल अग्रवाल ने अपनी विधिक शिकायत में सिया गोयल के हालिया व्यवहार को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं:
- असामान्य व्यवहार और झगड़े: परिवार के अनुसार, पिछले कुछ समय से सिया का व्यवहार बेहद असामान्य हो गया था। वह छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ जाती थी और केतन के साथ अक्सर झगड़ा करती थी।
- लोहागढ़ किले जाने की जिद: एफआईआर के मुताबिक, 4 जून को किसी कारणवश लोहागढ़ किले की यात्रा रद्द हो गई थी, जिससे सिया अत्यधिक नाराज थी। वह लगातार केतन पर वहां जाने का दबाव बना रही थी।
- फोन बिजी रहना: परिवार ने विधिक आरोप लगाया है कि सिया का मोबाइल अक्सर लंबी अवधि तक व्यस्त (Busy) रहता था और वह अपनी बातचीत में बार-बार चेतन चौधरी नाम के व्यक्ति का जिक्र करती थी।
2. “जन्मदिन का बहाना और मां को मनाना” (घटना वाले दिन का विवरण)
एफआईआर में दर्ज घटनाक्रम (Chronology of Events) के अनुसार:
- 17 जून की रात: सिया ने व्हाट्सऐप कॉल कर अपने जन्मदिन (Birthday) का भावनात्मक हवाला दिया और केतन को 18 जून को हर हाल में लोहागढ़ चलने के लिए तैयार किया।
- मां की नामंजूरी: शुरुआत में केतन की मां राखी अग्रवाल ने इस यात्रा की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद सिया ने खुद उनसे बात की और भावनात्मक दबाव बनाकर उन्हें मना लिया।
- 18 जून की सुबह: केतन घर से निकला और पुणे-मुंबई हाईवे पर किवाले पुल के पास से सिया को पिक-अप करके लोहागढ़ किले पहुंचा।
- सुबह 10:45 बजे: सिया ने केतन की मां को फोन कर बताया कि केतन खाई में गिर गया है। बाद में पुलिस ने केतन का शव खाई से निकाला।
3. ‘डेथ पॉइंट’ का मुआयना और हत्या की साजिश का शक
हादसे के तीन दिन बाद, यानी 21 जून 2026 को केतन के पिता, परिवार के अन्य सदस्य और दोस्त (नवदीप जिंदल व तरुण मित्तल) घटनास्थल (लोहागढ़ किले) पर पहुंचे।
विधिक शक का आधार: घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद परिवार इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि किले के उस विशिष्ट स्थान (Death Point) से किसी व्यक्ति का महज ‘गलती से फिसलकर गिरना’ (Accidental Fall) व्यावहारिक और भौतिक रूप से लगभग असंभव है। इसके साथ ही, सिया के फोन पर व्यस्त रहने और चेतन चौधरी से कथित प्रेम संबंधों (Love Affair) की जानकारी ने परिवार के शक को यकीन में बदल दिया कि केतन की हत्या की गई है।
4. वर्तमान विधिक कार्रवाई और पुलिस जांच की दिशा
| जांच का बिंदु | पुलिस और विधिक कार्रवाई का विवरण |
|---|---|
| दर्ज एफआईआर | लोनावला ग्रामीण पुलिस थाने में सिया गोयल और चेतन चौधरी को नामजद कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज। |
| परिवार से पूछताछ | पुलिस ने सिया गोयल के छोटे भाई साहिल से 10 घंटे तक कड़ी पूछताछ की है; अब सिया के माता-पिता को भी तलब किया गया है। |
| प्री-वेडिंग शूट का रद्द होना | पिता ने बताया कि दोनों की फरवरी में सगाई हुई थी। 6 जून को बाली में प्री-वेडिंग शूट होना था, लेकिन पासपोर्ट की समस्या के कारण यह रद्द हो गया था, जिससे तनाव और बढ़ गया। |
आगे की विधिक रणनीति: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह जांच अभी शुरुआती चरण में है। कई विशेष टीमें गठित की गई हैं जो सिया और चेतन के मोबाइल फोन के विधिक (Forensic) डेटा, कॉल डिटेल्स (CDR) और उस दिन किले में मौजूद अन्य पर्यटकों के बयानों का संकलन कर रही हैं। सभी पहलुओं की गहराई से जांच के बाद ही अदालत में एक ठोस विधिक चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

