नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद हुआ हंगामा; पुलिस ने स्थिति संभाली
कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मंगलवार दोपहर उत्तरी कोलकाता के ऐतिहासिक श्यामबाजार फाइव-पॉइंट क्रॉसिंग पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा। तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में ममता बनर्जी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंची थीं।
माल्यार्पण की प्रक्रिया के दौरान माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन जैसे ही ममता बनर्जी वहां से रवाना होने लगीं, मौके पर मौजूद बीजेपी समर्थकों ने उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ और ‘वापस जाओ’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और पूर्व मुख्यमंत्री को सुरक्षित वहां से रवाना कराया।
कांचरापाड़ा घटना बनाम श्यामबाजार प्रदर्शन
यह घटना उत्तरी 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा (हालिसहर) में रविवार को हुए हंगामे के ठीक दो दिन बाद सामने आई है:
| पहलू | कांचरापाड़ा (रविवार) का प्रदर्शन | श्यामबाजार (मंगलवार) का प्रदर्शन |
| विरोध का स्वरूप | हिंसक और उग्र प्रदर्शन। कार को घेरा गया, कीचड़, चप्पलें और पत्थर फेंके गए। | केवल मौखिक नारेबाजी और प्रदर्शन तक सीमित। |
| सुरक्षा स्थिति | पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा में भारी चूक के आरोप लगे। | पुलिस बल तुरंत हरकत में आया और माहौल को बिगड़ने से संभाला। |
| ममता बनर्जी का बयान | जानलेवा हमला और पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया। | बीजेपी पर नेताजी और स्वतंत्रता सेनानियों के अपमान का आरोप लगाया। |
घटना का राजनीतिक संदर्भ और बयानों का दौर
- कार्यक्रम का उद्देश्य: टीएमसी ने यह विरोध प्रदर्शन बीजेपी के एक सांसद द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर की गई विवादित टिप्पणियों के खिलाफ आयोजित किया था।
- बीजेपी समर्थक का तर्क: विरोध कर रहे समर्थकों ने कहा कि माल्यार्पण के दौरान उन्होंने कोई खलल नहीं डाला और उनका विरोध केवल भ्रष्टाचार के मुद्दों के खिलाफ है।
- सुरक्षा पर आश्वस्त किया: घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आश्वस्त किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी, बशर्ते वे अपने दौरों की जानकारी पुलिस प्रशासन को पूर्व में साझा करें।

