नई दिल्ली: मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) के आयोजन को लेकर देश में जारी भारी गतिरोध के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला है। रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट साझा करते हुए राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की और प्रधानमंत्री की चुप्पी पर गंभीर सवाल खड़े किए।
“2024 से 2026 तक सिर्फ जांच और समितियां बदलीं, मंत्री नहीं”
राहुल गांधी ने वर्ष 2024 और वर्तमान 2026 की नीट परीक्षाओं के घटनाक्रमों की तुलना करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा:
नीट 2024: पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द नहीं हुई। मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई जांच बैठाई गई। एक समिति बनाई गई। नीट 2026: पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। मंत्री ने अब भी इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई फिर जांच कर रही है। एक और समिति बनाई जाएगी।
राहुल गांधी ने #SackPradhan हैशटैग का उपयोग करते हुए प्रधानमंत्री से तीन सीधे सवाल पूछे:
- देश में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं क्यों हो रही हैं?
- हर बार इस गंभीर मुद्दे पर और ‘परीक्षा पे चर्चा’ करने वाले प्रधानमंत्री आखिर चुप क्यों हैं?
- बार-बार असफल साबित हो रहे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से बर्खास्त क्यों नहीं किया जा रहा है?
“व्हाट्सएप पर लीक हुआ पेपर, संसदीय समिति की रिपोर्ट को कूड़ेदान में डाला”
शनिवार को जारी एक वीडियो बयान में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि देश के 22 लाख नीट अभ्यर्थियों की मेहनत को पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया है।
- सोशल मीडिया पर लीक: राहुल गांधी ने दावा किया कि पूरा देश जानता है कि नीट परीक्षा से दो दिन पहले ही उसका प्रश्नपत्र व्हाट्सएप (WhatsApp) पर धड़ल्ले से बांटा जा रहा था। इसके बावजूद शिक्षा मंत्री जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं।
- विपक्ष के सुझावों की अनदेखी: उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में संसदीय समिति ने कई महत्वपूर्ण सिफारिशें दी थीं, लेकिन सरकार ने यह कहकर उसे कूड़ेदान में डाल दिया कि समिति में विपक्ष के लोग शामिल थे।
शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप
राहुल गांधी ने एक बार फिर दोहराया कि यह पूरा संकट भाजपा और आरएसएस (RSS) के उस गठजोड़ का नतीजा है, जिसने पैसे कमाने और विचारधारा थोपने के लिए विश्वविद्यालयों में कुलपतियों और प्रोफेसरों के पदों पर अपने ‘अपात्र’ लोगों को बैठाया है। उन्होंने मांग की कि इस कथित पेपर लीक में शामिल सभी दोषियों को तुरंत जेल भेजा जाना चाहिए।
सरकार का कदम: 21 जून को दोबारा परीक्षा, अगले साल से ऑनलाइन एग्जाम
बढ़ते विवाद और गड़बड़ियों के पुख्ता आरोपों के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित हुई नीट-यूजी (NEET-UG 2026) परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दिया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि:
- पुनः परीक्षा की तारीख: नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा आगामी 21 जून को आयोजित की जाएगी।
- सिस्टम में बदलाव: भविष्य में ऐसी धांधली को रोकने के लिए अगले साल से यह मेडिकल प्रवेश परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT/Online) मोड में ली जाएगी।

