नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और आंदोलनरत छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़ी खबरों की गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को मीडिया पर सख्त नाराजगी जताई। सीजेआई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों ने यह भ्रामक खबर चला दी कि शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया, जबकि हकीकत यह थी कि अदालत के समक्ष इस संबंध में कोई आधिकारिक याचिका (Petition) दायर ही नहीं हुई थी।
‘सिर्फ चिट्ठी के आधार पर सुनवाई नहीं हो सकती’
शुक्रवार को मुकदमों की सुनवाई शुरू होने से पहले चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मीडिया रिपोर्टिंग का जिक्र करते हुए कहा:
“पिछले दो दिनों से इस मामले में लगातार गलत खबरें चलाई जा रही हैं। आज सुबह 10 बजे तक इस मामले में कोर्ट के पास एक भी याचिका नहीं आई थी। हमारे पास केवल एक चिट्ठी पहुंची थी, और सिर्फ किसी चिट्ठी के आधार पर इतने संवेदनशील मामले की सुनवाई नहीं की जा सकती। जब याचिका दाखिल ही नहीं हुई, तो यह खबर कैसे चला दी गई कि कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया?”
सीजेआई ने आगे कहा कि मीडिया को बिना पूरी जानकारी और अदालती प्रक्रिया को समझे बिना खबरें नहीं चलानी चाहिए। न्यायपालिका की एक तय कानूनी व्यवस्था होती है और सभी काम उसी प्रक्रिया के तहत किए जाते हैं।
केवल वीडियो दिखाकर नहीं हो सकती तुरंत सुनवाई
दरअसल, सुनवाई के दौरान एक वकील ने 20 जुलाई को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए कोर्ट से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की थी। वकील ने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बर्बरता की है और उनके पास इसके वीडियो फुटेज भी हैं।
इस पर पीठ ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अदालत में सिर्फ वीडियो दिखाकर सीधे फैसला या सुनवाई नहीं मांगी जा सकती। इसके लिए नियम और प्रक्रिया के अनुसार पहले जनहित याचिका दर्ज करानी होगी।
मामले से जुड़ी 5 प्रमुख बातें
- कोई याचिका नहीं: सुप्रीम कोर्ट में 20 जुलाई की घटना को लेकर कोई औपचारिक याचिका दाखिल नहीं की गई थी।
- केवल एक पत्र आया: अदालत के पास केवल एक लिखित शिकायत/चिट्ठी पहुंची थी।
- भ्रामक खबरों पर फटकार: सीजेआई ने बिना सत्यापन के खबर चलाने वाले मीडिया संस्थानों को कड़ी फटकार लगाई।
- कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल वीडियो दिखाने के आधार पर सुनवाई नहीं हो सकती, विधिवत याचिका जरूरी है।
- NEET विरोध प्रदर्शन का मामला: यह पूरा मामला 20 जुलाई को नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के संसद मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज से जुड़ा है।
क्या था 20 जुलाई का घटनाक्रम?
20 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठनों के बैनर तले हजारों छात्र संसद भवन की ओर मार्च निकाल रहे थे। पुलिस द्वारा रोके जाने पर हुए हंगामे के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे। इसी घटना के बाद कानूनी राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की कोशिश की गई थी।

