NCPI में शामिल हुए पूर्व TMC सांसदों ने उठाई मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने और SIR के तहत हटाए गए मतदाताओं की समस्या
कोलकाता:पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले से तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए तीन लोकसभा सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राज्य के दो अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दों पर तुरंत हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।पत्र लिखने वाले सांसदों में जंगीपुर से खलीलुर रहमान, मुर्शिदाबाद से अबू ताहेर खान और बहरामपुर से यूसुफ पठान शामिल हैं।सांसदों द्वारा पत्र में उठाए गए 2 प्रमुख मुद्देमस्जिदों से लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन हटाया जाना:सांसदों ने पत्र में कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा विभिन्न मस्जिदों से लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन हटाने के निर्देश दिए जाने की खबरें आ रही हैं।उन्होंने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के ध्वनि प्रदूषण और शोर नियंत्रण संबंधी निर्देशों का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन नियमों का पालन निष्पक्ष, समान और संवेदनशील तरीके से होना चाहिए ताकि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों।विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से कटे नाम:दूसरा मुद्दा राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने से जुड़ा है।सांसदों का कहना है कि कई वास्तविक नागरिक ट्रिब्यूनल के फैसलों का इंतजार कर रहे हैं। फैसलों में हो रही देरी के कारण उन्हें पासपोर्ट सत्यापन, भूमि पंजीकरण और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।गृह मंत्री अमित शाह से सांसदों की मुख्य मांगेमुद्दासांसदों का गृह मंत्री से अनुरोधट्रिब्यूनल के मामलेट्रिब्यूनल में लंबित सभी मामलों के निपटारे में तेजी लाई जाए और इस प्रक्रिया को साल के अंत तक पूरा किया जाए।अतिरिक्त ट्रिब्यूनलमामलों के त्वरित निपटारे के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त ट्रिब्यूनल गठित किए जाएं।नागरिक सेवाएं बहालजब तक ट्रिब्यूनल में मामले लंबित हैं, तब तक प्रभावित वास्तविक नागरिकों को आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं से वंचित न रखा जाए।तीनों सांसदों ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वे पश्चिम बंगाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को इस दिशा में उचित व संवेदनशील निर्देश जारी करें।

