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Friday, August 14, 2026

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बंगलूरू: जेल से मिले फोन में वीडियो की खबरें गलत, बंगलूरू पुलिस ने मीडिया रिपोर्टों को किया खारिज

डीसीपी बोले— जब्त मोबाइल सीलबंद, FSL जांच और पासवर्ड मिलने के बाद ही साफ होगा सच

बंगलूरू:

बंगलूरू के परप्पना अग्रहारा स्थित बंगलूरू सेंट्रल जेल में पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास से कथित तौर पर मिले मोबाइल फोन को लेकर चल रही मीडिया अटकलों पर बंगलूरू पुलिस ने विराम लगा दिया है। इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन के डीसीपी एम. नारायण ने स्पष्ट किया कि फोन से कई वीडियो मिलने की रिपोर्ट पूरी तरह से गलत और निराधार है।

पुलिस के मुताबिक, जब्त किए गए सभी सामानों को पंच गवाहों के सामने सील किया गया है और उन्हें फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा जा रहा है। जांच पूरी होने से पहले फोन के कंटेंट के बारे में कोई भी निष्कर्ष निकालना समय से पहले होगा।

जेल में छापेमारी और जब्ती से जुड़े मुख्य तथ्य

11 अगस्त को सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) द्वारा जेल में मारे गए छापे और दर्ज मामले से जुड़े प्रमुख बिंदु:

  • मिली सामग्रियां: हाई सिक्योरिटी जेल-3 के एक बैरक से नीले रंग का Redmi स्मार्टफोन, सफेद चार्जर, एक पैकेट नकदी और एक काले रंग की पेन ड्राइव बरामद की गई।
  • 80 मोबाइल मिलने का दावा गलत: डीसीपी ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें 80 मोबाइल फोन मिलने की बात कही गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुल मिलाकर केवल एक ही मोबाइल फोन जब्त हुआ है।
  • जामर के बावजूद सिग्नल: जेल में 3G और 5G जामर लगे होने के बावजूद इस फोन में नेटवर्क सिग्नल मिल रहा था। पुलिस इस सुरक्षा चूक को लेकर मोबाइल निर्माता कंपनी को पत्र लिखने जा रही है।

जांच और पुलिस की अगली कार्रवाई

पहलूपुलिस की जांच की दिशा
फोन का मालिकाना हकप्रज्वल रेवन्ना ने फोन का पासवर्ड नहीं दिया है। पुलिस जांच कर रही है कि फोन का इस्तेमाल प्रज्वल कर रहे थे या ‘राय’ नाम का कोई अन्य कैदी।
फर्जी सिम कार्ड (SIM Card)शुरुआती जांच में सामने आया है कि फोन में इस्तेमाल सिम कार्ड फर्जी या मृत व्यक्तियों के नाम पर लिया गया था। पुलिस को सिम खरीदने वाली दुकानों के सुराग मिले हैं।
पूछताछ की योजनापुलिस पहले FSL से तकनीकी डेटा और डिजिटल सबूत जुटाएगी। इसके बाद अदालत से अनुमति लेकर प्रज्वल रेवन्ना और राय से पूछताछ की जाएगी।

कर्नाटक प्रिजन एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत परप्पना अग्रहारा थाने में मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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