अदालत ने कहा— लोगों की सेहत से खिलवाड़ का नतीजा भुगतना होगा; इसे बताया ‘पोएटिक जस्टिस’
मुंबई:
नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए ठाणे के एक रेस्तरां को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब किसी प्रतिष्ठान ने लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया है, तो उसे परिणाम भुगतने ही होंगे। खंडपीठ ने इसे ‘पोएटिक जस्टिस’ (जैसा करोगे वैसा भरोगे) करार दिया।
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखाड की पीठ ने रेस्तरां का लाइसेंस निलंबन रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत देने से साफ मना कर दिया।
क्या है ठाणे के ‘उडुपी स्वाद’ रेस्तरां का मामला?
- लाइसेंस निलंबन: महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने 11 अगस्त को ठाणे स्थित ‘उडुपी स्वाद’ रेस्तरां का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया था।
- एनालॉग पनीर की बिक्री: निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रेस्तरां में असली दूध से बना पनीर नहीं, बल्कि प्रतिबंधित ‘एनालॉग पनीर’ (मिलावटी/सिंथेटिक विकल्प) परोसा जा रहा था।
- अदालत में चुनौती: रेस्तरां प्रबंधन ने एफडीए के निलंबन आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणियां
| बिंदु / दलील | बॉम्बे हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी |
|---|---|
| सुधार नोटिस की दलील | रेस्तरां के वकील ने तर्क दिया कि एफडीए को निलंबन से पहले सुधार का नोटिस देना चाहिए था। |
| कोर्ट का सवाल | पीठ ने पूछा कि क्या आपने मेनू कार्ड पर लिखा था कि आप एनालॉग पनीर बेच रहे हैं? आप बोर्ड पर यह क्यों नहीं लिखते कि यहाँ असली खाना नहीं मिलता? |
| कड़ा रुख | कोर्ट ने कहा कि ग्राहकों को धोखा देकर नकली खाना खिलाया गया है, इसलिए इस बार न्यायपालिका बेहद सख्त रुख अपनाएगी। |

