थौबल जिले के याइरीपोक में हुई घटना, विधानसभा में जातीय हिंसा में अब तक 306 मौतों का आंकड़ा पेश
इम्फाल: मणिपुर के थौबल जिले में गुरुवार देर शाम अज्ञात हमलावरों ने कांग्रेस विधायक दल के नेता कीशम मेघचंद्र के आवास को निशाना बनाते हुए बम धमाका किया। शुरुआती जांच रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस नेता के घर की दीवार के पास ग्रेनेड फेंका गया था। घटना की सूचना मिलते ही राज्य पुलिस और सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह विस्फोट रात करीब 8:15 बजे वांगखेम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले याइरीपोक बिष्णु नाहा स्थित मेघचंद्र के आवास की बाहरी दीवार के पास हुआ। धमाके के समय मेघचंद्र अपने घर पर मौजूद नहीं थे और घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। कांग्रेस नेता के पीआरओ टी. इबोचौबा ने बताया कि हमलावरों की पहचान और इस हमले के पीछे के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है।
विधानसभा में जातीय हिंसा के आंकड़े पेश: 306 की मौत, 49 लापता इस घटना के बीच राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजाम ने मई 2023 से भड़की जातीय हिंसा के आधिकारिक आंकड़े सदन में रखे। भाजपा विधायक सपम रंजन सिंह के सवाल का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने बताया कि 31 अगस्त 2026 तक हिंसा में कुल 306 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 49 नागरिक अभी भी लापता हैं।
सदन को बताया गया कि 3 मई 2023 को पहाड़ी जिलों में मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में निकाले गए जनजातीय एकजुटता मार्च के बाद यह हिंसक टकराव शुरू हुआ था।
राजनीतिक उथल-पुथल के बाद नई सरकार का गठन लगातार जारी जातीय संघर्ष के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 9 फरवरी 2025 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद राज्य विधानसभा को निलंबित कर राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। बाद में इस वर्ष 4 फरवरी को राष्ट्रपति शासन समाप्त कर भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार का गठन किया गया। राज्य विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 2027 तक निर्धारित है।

