धान की सरकारी खरीद शुरू कराने को लेकर प्रदर्शन, वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल पर गरमाई सियासत
कुरुक्षेत्र: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में धान की सरकारी खरीद तुरंत शुरू करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे किसानों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने के मामले ने बड़ा राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। प्रदर्शनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछारें) और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किए जाने के बाद विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (आप) ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए सरकार के तथाकथित किसान हितैषी होने के तमाम दावों को पूरी तरह खोखला और बेबुनियाद करार दिया है।
अनुराग ढांडा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अन्नदाता अपनी पसीने की कमाई और धान की फसल की सरकारी खरीद को सुचारू कराने की अत्यंत वाजिब मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान पिछले लंबे समय से मंडियों में खरीद प्रक्रिया विधिवत शुरू करने की गुहार लगा रहे थे और इस बाबत कई दौर में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकें भी कर चुके थे। इसके बावजूद जब शासन और प्रशासन ने उनकी समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला, तो मजबूरन किसानों को अपनी बात मनवाने के लिए सड़क पर उतरना पड़ा।
आप नेता ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसानों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनने और बातचीत के जरिए समाधान तलाशने के बजाय सरकार ने उन पर वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले दागने का अमानवीय रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि फसलों के सही दाम और समय पर खरीद की मांग कर रहे मेहनतकश किसानों के साथ ऐसा दमनकारी रवैया किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार से अपनी हठधर्मिता छोड़कर तत्काल प्रभाव से मंडियों में धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुचारू खरीद शुरू करने की पुरजोर मांग की है।

