कथित जातिगत प्रताड़ना के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, परिसर जाने से पहले पुलिस ने भांडुप में रोका
मुंबई: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे द्वारा कथित तौर पर खुदकुशी किए जाने के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर उनके माता-पिता ने गुरुवार से मुंबई के ऐतिहासिक आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वे अपने बेटे की असमय मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं।
मृतक छात्र के पिता रवींद्र वाकोडे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संस्थान में पढ़ाई के दौरान साहिल ने अपने परिजनों को कई बार बताया था कि उसे कथित जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। परिजनों का कहना है कि इसी असहनीय प्रताड़ना के चलते उनके होनहार बेटे को आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने के लिए विवश होना पड़ा। उन्होंने मांग की है कि संस्थान के जिन लोगों या प्रोफेसरों पर बेटे को प्रताड़ित करने का आरोप है, पुलिस उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल भेजे।
शुरुआती योजना के अनुसार साहिल के माता-पिता आईआईटी बॉम्बे परिसर के मुख्य द्वार के बाहर शांतिपूर्ण धरना देने जा रहे थे, लेकिन गुरुवार सुबह कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मुंबई पुलिस ने उन्हें भांडुप इलाके में ही रोक लिया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि परिसर के बाहर प्रदर्शन की अनुमति नहीं है और उन्हें विरोध दर्ज कराने के लिए निर्धारित स्थल आजाद मैदान जाने का निर्देश दिया गया। इसके बाद माता-पिता अन्य समर्थकों के साथ आजाद मैदान पहुंचे और बेटे को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठ गए।

