सूखे और आर्थिक संकट के बीच जबरन वसूली पर कड़ी चेतावनी, बैंकों और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों पर कसेगा शिकंजा
नांदेड़: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में सूखे और गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे अन्नदाताओं को कर्ज वसूली के नाम पर प्रताड़ित करने वाली वित्तीय कंपनियों, बैंकों और साहूकारों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि किसानों से जबरन वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपराधिक धाराओं में कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
रविवार को नांदेड़ जिले के वाडी बुद्रुक क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाले उप जिला अस्पताल के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी बैंक, माइक्रोफाइनेंस संस्थान या निजी साहूकार द्वारा कर्ज वसूली के नाम पर किए गए मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न के चलते किसी किसान ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया, तो संबंधित रिकवरी एजेंटों और जिम्मेदार प्रबंधन के खिलाफ सीधे हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य का किसान वर्तमान में सूखे और विषम मौसमी परिस्थितियों के कारण पहले ही भारी आर्थिक तंगी का सामना कर रहा है। ऐसे अत्यंत संवेदनशील समय में वित्तीय संस्थाओं द्वारा मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के बजाय दबाव बनाकर वसूली करना पूरी तरह अमानवीय और गैर-कानूनी है। सरकार संकट की इस घड़ी में किसानों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और उन्हें हर संभव वित्तीय व प्रशासनिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
संबोधन में उन्होंने माइक्रोफाइनेंस कंपनियों, निजी साहूकारों और सहकारी बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे तत्काल प्रभाव से किसी भी प्रकार की जोर-जबरदस्ती, धमकी या अपमानजनक हथकंडों का इस्तेमाल बंद करें। राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को ऐसे मामलों पर नजर रखने और किसानों से मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
एकनाथ शिंदे ने किसानों से भी संयम बनाए रखने और किसी भी दबाव के आगे हार न मानने की भावुक अपील की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार राहत पैकेज, फसल बीमा और ऋण पुनर्गठन के जरिए किसानों को संकट से उबारने के लिए ठोस कदम उठा रही है, इसलिए कोई भी किसान हताश होकर गलत कदम न उठाए और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करे।

