तिरुवनंतपुरम: केरल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों पर हुए कथित हिंसक हमले के मामले में राज्य पुलिस ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए करीब 300 अज्ञात लोगों की हिंसक भीड़ के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
यह गंभीर घटना उस समय देश के सामने आई जब ईडी की एक विशेष टीम पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (Pinarayi Vijayan) से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले में अपनी छापेमारी की कानूनी कार्रवाई पूरी कर वापस लौट रही थी।
BNS की ‘हत्या के प्रयास’ जैसी कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज
केरल पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, उपद्रवियों और हमलावरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई बेहद सख्त और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एफआईआर में शामिल मुख्य धाराएं:
- अवैध जमावड़ा और दंगा: गैरकानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा करना और हिंसा फैलाना।
- सरकारी कार्य में बाधा: ड्यूटी पर तैनात केंद्रीय अधिकारियों को बंधक बनाना और उन्हें रोकना।
- हत्या का प्रयास (Section 109 BNS): अधिकारियों पर जानलेवा हमला करना। इस धारा के तहत दोष सिद्ध होने पर अपराधियों को 10 साल से लेकर उम्रकैद (Life Imprisonment) तक की कड़ी सजा का प्रावधान है।
- सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान: सरकारी वाहनों और सुरक्षा उपकरणों को जानबूझकर क्षतिग्रस्त करना।
एफआईआर (FIR) में हमले का खौफनाक विवरण
राजधानी तिरुवनंतपुरम के म्यूजियम पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई आधिकारिक एफआईआर के मुताबिक, ईडी की टीम जैसे ही अपनी मैराथन छापेमारी खत्म कर आवासीय परिसर से बाहर की ओर निकल रही थी, तभी पूर्व नियोजित तरीके से भीड़ ने उन्हें घेर लिया:
हमले की कड़ियां:
“लगभग 300 लोगों की आक्रामक भीड़ ने ईडी अधिकारियों और उनकी सुरक्षा में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) व केरल पुलिस के जवानों पर अचानक लाठियों, पत्थरों और ईंटों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। भीड़ लगातार ‘मारो-मारो’ जैसे हिंसक नारे लगा रही थी। इस पथराव में ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के हाथ में गंभीर चोट आई है, जबकि एक वाहन चालक लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गया।”
इस सुनियोजित हमले और तोड़फोड़ के कारण ईडी और सुरक्षा बलों के सरकारी वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है। प्राथमिक अनुमान के अनुसार, इस हिंसा में करीब ₹3 लाख की सरकारी संपत्ति नष्ट हुई है।
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क्या है पूरा मामला और सीएमआरएल (CMRL) कनेक्शन?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की यह विवादित कार्रवाई चर्चित सीएमआरएल मनी लॉन्ड्रिंग केस (CMRL Money Laundering Case) से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है:
- जांच का दायरा: इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा टी. की निजी आईटी कंपनी और एक प्रमुख सैंड माइनिंग (रेत खनन) फर्म के बीच हुए संदिग्ध करोड़ों रुपये के वित्तीय लेनदेन और बोगस बिलिंग की गहन जांच चल रही है।
- 10 ठिकानों पर रेड: ईडी की टीमों ने एक साथ केरल में कुल 10 महत्वपूर्ण ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें तिरुवनंतपुरम स्थित उनका किराए का परिसर और कन्नूर (Kannur) में स्थित उनका पैतृक व स्थायी आवास भी शामिल था।
- 7 घंटे चली कार्रवाई: यह पूरी छापेमारी सुबह 7:15 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई थी और करीब 7 घंटे के लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद दोपहर को संपन्न हुई थी।
वीडियो फुटेज से हो रही पहचान, जल्द होंगी गिरफ्तारियां
म्यूजियम थाना पुलिस के आला अधिकारियों ने मीडिया को स्पष्ट किया है कि घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों, मीडिया कैमरों और स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए मोबाइल वीडियो फुटेज की डिजिटल फोरेंसिक जांच की जा रही है।
पुलिस ने दावा किया है कि हिंसा में शामिल कई स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं और उपद्रवियों की प्राथमिक पहचान (Identification) कर ली गई है। हालांकि, स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए अभी तक इस मामले में किसी भी आरोपी की औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।

