महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने अज्ञात लोगों पर दर्ज किया मामला; वीडियो में छात्रों को झूठे केस में फंसाने का दबाव बताकर त्यागपत्र का दावा
मुंबई:
दिल्ली पुलिस के एक पुलिस उपायुक्त (DCP) के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किए गए फर्जी इस्तीफे वाले वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने मुंबई में एफआईआर (FIR) दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि छात्र आंदोलन की आड़ में बने इस भ्रामक और डीपफेक वीडियो का उद्देश्य जनता में भ्रम और आक्रोश फैलाना था।
वायरल वीडियो में दावा किया गया था कि दिल्ली पुलिस के DCP सुमित झा सरकार के कथित दबाव में छात्रों को फर्जी मामलों में फंसाने के आरोपों के बाद इस्तीफा दे रहे हैं।
एफआईआर और वायरल वीडियो का पूरा मामला
- शिकायतकर्ता और धाराएं: भाजपा सोशल मीडिया टीम से जुड़े निखिल भामरे की शिकायत पर महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353 और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत केस दर्ज किया है।
- सोशल मीडिया पर शेयरिंग: एफआईआर के अनुसार, 31 जुलाई को महाराष्ट्र कांग्रेस नेता भाई जगताप और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थकों द्वारा यह वीडियो साझा किया गया था।
- फर्जी वीडियो का दावा: डीपफेक वीडियो में एआई आवाज और विजुअल के जरिए दिखाया गया कि DCP सुमित झा कह रहे हैं—“सरकार उनसे मीडिया के सामने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ झूठ बोलने और उन्हें दोषी साबित करने का दबाव बना रही है, इसलिए वह नौकरी छोड़ रहे हैं।”
जांच में क्या सच आया सामने?
- PIB और पुलिस की पुष्टि: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB Fact Check) और दिल्ली पुलिस की जांच में स्पष्ट हुआ कि यह वीडियो पूरी तरह से AI जनरेटेड और फर्जी है।
- मूल वीडियो का सच: महाराष्ट्र पुलिस के अनुसार, DCP सुमित झा का वास्तविक और मूल वीडियो एक अलग प्रेस वार्ता का था, जिसमें वे यह जानकारी दे रहे थे कि देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान सीमा पार (पाकिस्तानी) सोशल मीडिया हैंडल किस प्रकार भड़काऊ सामग्री फैला रहे थे।
महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने वीडियो को बिना सत्यापन के फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश के आरोप में जांच शुरू कर दी है।

