28 C
Mumbai
Monday, August 17, 2026

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

पीएम मोदी के ‘सांस्कृतिक कूटनीति’ के अनोखे उपहार: इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के राष्ट्राध्यक्षों को भेंट की भारत की समृद्ध विरासत और कला

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न देशों के राष्ट्रप्रमुखों और वैश्विक नेताओं को भारत की समृद्ध संस्कृति, बेजोड़ हस्तशिल्प, खेल इतिहास और अनूठी परंपराओं से जुड़े बेहद खूबसूरत उपहार भेंट किए हैं। इन उपहारों के चयन में भारत के अलग-अलग राज्यों की अनूठी कला और सांस्कृतिक कड़ियों की गहरी छाप साफ दिखाई देती है।

आइए जानते हैं कि पीएम मोदी ने वैश्विक मंच पर किस देश के नेता को भारत की कौन सी अमूल्य धरोहर तोहफे में दी है:

1. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो को मिले उपहार

प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को भारत की कला, संस्कृति और स्वाद से सराबोर चार नायाब तोहफे दिए:

  • उत्तराखंड की ऐपण कला (शिव पेंटिंग): ऐपण उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की एक पारंपरिक लोक कला है। इसे मुख्य रूप से महिलाएं त्योहारों के मौके पर गेरू (लाल मिट्टी) के बेस पर चावल के पेस्ट (बिस्वार) से बनाती हैं। भगवान शिव को समर्पित इस पेंटिंग में पवित्र ज्यामितीय आकृतियां बनी हैं, जो ब्रह्मांड की ऊर्जा को दर्शाती हैं। यह तोहफा भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक व धार्मिक संबंधों का विधिक प्रतीक है।
  • मनोहारी गोल्ड टी (असम की दुर्लभ चाय): यह असम की सबसे बेहतरीन और चुनिंदा चाय में से एक है। इसे जून के महीने में सूरज की रोशनी में प्राकृतिक रूप से सुखाकर तैयार किया जाता है। इसके अनोखे सुनहरे रंग और लाजवाब स्वाद के कारण यह दुनिया की सबसे दुर्लभ चाय मानी जाती है, क्योंकि यह रोजाना महज 25 ग्राम ही बनकर तैयार होती है।
  • कश्मीरी पेपर-मैशी बाउल (कटोरा): यह कश्मीर के प्रसिद्ध हस्तशिल्प का एक बेहतरीन नमूना है। इसे कागज की लुगदी से पूरी तरह हाथ से बनाया गया है और इस पर पारंपरिक ‘नक्काशी’ तकनीक से फूलों और पक्षियों के बेहद खूबसूरत चित्र उकेरे गए हैं। अंत में सोने की नक्काशी और चमकदार लाक (lacquer) से इसे सजाया गया है, जो शांति और प्रकृति के साथ तालमेल को दर्शाता है।
  • नक्काशीदार चांदी की सजावटी प्लेट: इस चांदी की प्लेट को ‘रिपोसे’ (Repoussé) तकनीक यानी हाथ से ठोककर और उभारकर तैयार किया गया है। इसके बीच में कमल का फूल बना है और चारों तरफ हाथी, पेड़ और फूलों के बॉर्डर बने हैं। कमल शुद्धता का और हाथी ताकत व समृद्धि का प्रतीक है। चूंकि हाथी दोनों देशों के प्राकृतिक जुड़ाव को भी दिखाता है, इसलिए यह तोहफा भारत-इंडोनेशिया की दोस्ती को और मजबूत करता है।

2. इंडोनेशिया की संसद अध्यक्ष पुआन महारानी को उपहार

  • ओडिशा की पारंपरिक इकत सिल्क (Odisha Ikkat): प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया की संसद अध्यक्ष पुआन महारानी को ओडिशा की प्रसिद्ध ‘इकत’ (Bandha) हैंडलूम सिल्क साड़ी/कपड़ा भेंट की। यह कपड़ा अपनी खास ‘टाई-एंड-डाई’ (धागों को बांधकर रंगने की) जटिल तकनीक के लिए जाना जाता है। इसकी सबसे बड़ी तकनीकी और विधिक विशिष्टता यह है कि कपड़े के दोनों तरफ एक जैसे ही जीवंत पैटर्न और डिजाइन दिखाई देते हैं। यह कपड़ा ओडिशा की शानदार और प्राचीन बुनाई परंपरा का प्रतीक है।

3. विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों को मिले उपहारों का तुलनात्मक वर्गीकरण

विदेशी नेताओं को दिए गए अन्य प्रमुख उपहारों और उनके रणनीतिक संदेशों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:

प्राप्तकर्ता नेता व देशभेंट किया गया विशिष्ट उपहारउपहार का सांस्कृतिक महत्व एवं रणनीतिक संदेश
एंथनी अल्बनीज
(प्रधानमंत्री, ऑस्ट्रेलिया)
1. इंडियन प्रीमियम कॉफी बॉक्स
2. ‘कॉलोनियल कजन्स’ विनाइल रिकॉर्ड
3. जनजातीय ढोकरा बोट स्कल्पचर
• कॉफी बॉक्स भारतीय किसानों की कड़ी मेहनत और आधुनिक पर्यावरण अनुकूल खेती को दर्शाता है।
• 1990 के दशक के हरिहरन और लेस्ली लुईस के फ्यूजन संगीत का विनाइल रिकॉर्ड (ग्रामोफोन) संगीत प्रेमियों के लिए ऐतिहासिक पल है।
• ‘लॉस्ट-वैक्स’ कास्टिंग तकनीक से बनी पीतल की ढोकरा नाव एकता और सहयोग का संदेश देती है, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) में दोनों देशों के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य के साझा सफर का प्रतीक है।
क्रिस्टोफर लक्सन
(प्रधानमंत्री, न्यूजीलैंड)
1. उत्तराखंडी टोपी (पहाड़ी टोपी)
2. भारतीय महिला हॉकी टीम की हस्ताक्षरित हॉकी स्टिक
• उच्च दर्जे के ऊन और रंग-बिरंगे बैंड से बनी यह टोपी उत्तराखंड में गर्व, सम्मान और मेहमाननवाजी का विधिक प्रतीक है।
• हॉकी स्टिक पर भारतीय महिला हॉकी टीम के सभी खिलाड़ियों के ऑटोग्राफ हैं, जो न्यूजीलैंड में आयोजित ‘एफआईएच हॉकी महिला नेशंस कप’ में भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत की याद दिलाती है। यह वैश्विक मंच पर भारत की खेल प्रतिभा का जश्न मनाता है।

4. ‘गिफ्ट डिप्लोमेसी’ के विधिक व कूटनीतिक मायने

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अपनाई जा रही इस विशेष उपहार नीति (Gift Diplomacy) के रणनीतिक आयाम इस प्रकार हैं:

पीएम मोदी की सांस्कृतिक कूटनीति⎩⎧​1. वोकल फॉर लोकल:2. साझा संबंध:3. सॉफ्ट पावर:​भारत के सुदूर क्षेत्रों (जैसे कश्मीर, असम, ओडिशा) के स्थानीय कारीगरों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना।इंडोनेशिया के संदर्भ में रामायण, शिव और कमल/हाथी के माध्यम से प्राचीन सांस्कृतिक जुड़ाव को पुनर्जीवित करना।संगीत (विनाइल रिकॉर्ड) और खेल (हॉकी स्टिक) के माध्यम से आधुनिक भारत की वैश्विक ’सॉफ्ट पावर’ का प्रदर्शन करना।​

5. वैश्विक मंच पर भारत की अमिट छाप
कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, जब देश का राष्ट्राध्यक्ष किसी विदेशी नेता को हस्तशिल्प या कलाकृति उपहार में देता है, तो वह केवल एक वस्तु नहीं होती, बल्कि वह उस देश की सभ्यता का एक हिस्सा होती है। पीएम मोदी द्वारा कश्मीरी पेपर-मैशी, ढोकरा कला और ओडिशा इकत जैसे उपहारों को वैश्विक नेताओं को सौंपने से न केवल भारत के कुटीर उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बूस्ट मिलता है, बल्कि विभिन्न देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय और विधिक संबंधों में एक भावनात्मक गर्मजोशी भी आती है।

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here