मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में बयानों का दौर एक बार फिर गरमा गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण द्वारा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के सांसदों को लेकर किए गए दावे पर सत्तारूढ़ महायुति (Mahayuti) के नेताओं ने शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को तीखा पलटवार किया है। महायुति के घटक दलों ने चव्हाण के दावों को खारिज करते हुए उल्टा यह संभावना जता दी कि खुद शरद पवार आने वाले समय में एनडीए (NDA) का हिस्सा बन सकते हैं।
इससे पहले एनसीपी (एसपी) की कद्दावर नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने एनडीए के साथ जाने की तमाम अटकलों और पृथ्वीराज चव्हाण के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि शरद पवार गुट के कुछ सांसद ‘नाराज’ चल रहे हैं।
1. महायुति नेताओं के तीखे विधिक व राजनीतिक तीर
पृथ्वीराज चव्हाण के बयान के बाद महायुति के अलग-अलग धड़ों से आई प्रतिक्रियाओं ने राज्य के सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है:
- रामदास आठवले (केंद्रीय मंत्री व आरपीआई-ए प्रमुख): आठवले ने पृथ्वीराज चव्हाण के दावों को पूरी तरह तथ्यहीन बताया। उन्होंने हाल ही में शिवसेना (UBT) के सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने और शरद पवार की उपमुख्यमंत्री से हुई मुलाकात का हवाला देते हुए कहा, “शरद पवार खुद एनडीए में शामिल हो सकते हैं। उन्हें इस बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए।”
- संजय निरुपम (प्रवक्ता, शिवसेना – शिंदे गुट): निरुपम ने सीधे पृथ्वीराज चव्हाण पर निशाना साधते हुए कहा कि चव्हाण खुद अपनी पार्टी में हाशिए पर जाने के कारण बेचैन हैं। उन्होंने दावा किया, “मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद चव्हाण ने कांग्रेस को कमजोर किया। आज उनकी पार्टी में कोई उन्हें महत्व नहीं देता। असल में शरद पवार या तो कांग्रेस में अपनी पार्टी का विलय करने की सोच रहे हैं या फिर एनडीए के साथ जाने का मन बना रहे हैं।”
- कृष्णा हेगड़े (प्रवक्ता, शिवसेना): हेगड़े ने तंज कसते हुए कहा कि पृथ्वीराज चव्हाण को एनसीपी (एसपी) के सांसदों पर नजर रखने और कयास लगाने के बजाय अपनी खुद की पार्टी की विधिक और सांगठनिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
2. महाराष्ट्र के वर्तमान सियासी घटनाक्रम की कड़ियां
महाराष्ट्र की इस नई राजनीतिक रस्साकशी के मुख्य किरदारों और उनके स्टैंड को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:
| राजनेता / गुट | दिया गया बयान / राजनीतिक स्टैंड | वर्तमान विधिक व राजनीतिक स्थिति |
|---|---|---|
| पृथ्वीराज चव्हाण (कांग्रेस) | दावा किया कि शरद पवार गुट के कई सांसद अंदरूनी रूप से ‘नाराज’ हैं और उन पर दबाव है। | महायुति ने इसे चव्हाण की व्यक्तिगत और राजनीतिक ‘बेचैनी’ करार दिया। |
| सुप्रिया सुले (NCP-SP) | एनडीए के साथ जाने की खबरों को सिरे से नकारा; सांसदों की नाराजगी के दावों को भी खारिज किया। | महाविकास अघाड़ी (MVA) के साथ मजबूती से खड़े रहने का विधिक संकल्प दोहराया। |
| महायुति सरकार (RPI-A, शिवसेना) | चव्हाण को अपनी पार्टी पर ध्यान देने की सलाह दी और शरद पवार के एनडीए में आने की संभावना जताई। | राज्य में आगामी चुनावों से पहले विपक्ष को मनोवैज्ञानिक रूप से घेरने की रणनीति। |
3. कूटनीतिक कयासों का दौर तेज
महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार को ‘पावर सेंटर’ माना जाता है। महायुति के नेताओं द्वारा बार-बार उनके एनडीए में शामिल होने की संभावना जताना एक सोची-समझी रणनीतिक चाल का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के भीतर अविश्वास का माहौल पैदा किया जा सके। हालांकि, शरद पवार गुट ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे केवल जनता को भ्रमित करने वाला विधिक व राजनीतिक प्रोपेगैंडा बताया है।

