भुज/गांधीनगर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार (30 मई 2026) को गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे सीमावर्ती और तटीय जिलों की एक हाई-प्रोफाइल सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के सीमा प्रबंधन (Border Management) को पहले से अधिक सुदृढ़, आधुनिक और व्यापक बनाना था। बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित गृह मंत्रालय और राज्य के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
अंतरराष्ट्रीय सीमा के 15 किलोमीटर दायरे में ‘नो टॉलरेंस’
बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि पुख्ता बॉर्डर फेंसिंग, मजबूत तटीय सुरक्षा और राज्य सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के चलते गुजरात में सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और तस्करी पर पूरी तरह लगाम लग चुकी है। सुरक्षा को अगले स्तर पर ले जाने के लिए उन्होंने जिलाधिकारियों (DM) को अंतरराष्ट्रीय सीमा के शून्य से 15 किलोमीटर के संवेदनशील दायरे में आने वाले हर एक अनधिकृत (अवैध) अतिक्रमण के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने का निर्देश दिया। गृह मंत्री ने साफ कहा कि ऐसे सभी अतिक्रमणों को तुरंत ध्वस्त किया जाए।
जनसांख्यिकी परिवर्तन पर नजर; पुलिस से लेकर पटवारी तक अलर्ट
गृह मंत्री ने सीमावर्ती इलाकों में हो रहे जनसांख्यिकी परिवर्तन (Demographic Change) पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जिला प्रशासन को इस बदलाव पर पैनी नजर रखने और इसकी नियमित रिपोर्टिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी है। शाह ने निर्देश दिया कि पहले से चोरी-छिपे बसे घुसपैठियों को चिन्हित कर वापस भेजने के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन से लेकर पटवारी स्तर तक के सभी सरकारी महकमों को एक टीम की तरह मिलकर काम करना होगा।
हवाला, शेल कंपनियों और नार्को-टस्करी पर कड़ा प्रहार
आर्थिक और नार्को अपराधों पर चोट करते हुए गृह मंत्री ने हर सीमावर्ती जिले में एक विशेष ‘सुरक्षा समन्वय समूह’ (Security Coordination Group) बनाने का निर्देश दिया, जिसमें सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारतीय तटरक्षक बल, आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और लीड बैंक के मैनेजर शामिल होंगे। सीमावर्ती जिलों में हवाला लेनदेन, संदिग्ध म्यूल बैंक खाते, शेल कंपनियों और संदिग्ध वाहनों की धरपकड़ के लिए आयकर विभाग और आरबीआई (RBI) को मिलकर एक बड़ा सर्वे अभियान चलाने को कहा गया है।
वाइब्रेंट विलेज और तटीय सुरक्षा का रोडमैप
समुद्री सीमा रेखा की संवेदनशीलता को देखते हुए तटीय सुरक्षा तंत्र को और अधिक चाक-चौबंद करने तथा भारतीय तटरक्षक बल के साथ बेहतर तालमेल बनाने पर बल दिया गया। अमित शाह ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ (Vibrant Village Program) के तहत केंद्र और राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीमांत गांवों के आखिरी छोर पर बैठे व्यक्ति तक 100 फीसदी पहुंचे, ताकि सीमा पर नागरिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जा सके।

