मुंबई: अमरावती की पूर्व फायरब्रांड लोकसभा सांसद नवनीत राणा ने मंगलवार (9 जून 2026) को उन सभी राजनीतिक अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें उनके राज्यसभा सीट के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में शामिल होने का दावा किया जा रहा था। नवनीत राणा ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बेहद सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि वे किसी भी बड़े राजनीतिक पद या लालच के लिए अपनी मूल राजनीतिक विचारधारा से कभी समझौता नहीं करेंगी। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक वफादार सिपाही हैं और भविष्य में भी पूरी ईमानदारी से केवल भाजपा के लिए ही काम करती रहेंगी।
फेसबुक पोस्ट के जरिए अटकलों को किया खारिज; सुनेत्रा पवार से मुलाकात का सच
दरअसल, नवनीत राणा का यह तीखा और स्पष्टीकरण वाला बयान उनके द्वारा की गई एक हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बाद आया था। राणा ने कुछ दिनों पहले मुंबई में संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) की एक सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव के सिलसिले में एनसीपी अध्यक्ष व महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और राज्यसभा सदस्य पार्थ पवार से गुप्त मुलाकात की थी, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में उनके पाला बदलने की अफवाहें उड़ने लगी थीं।
इन सभी चर्चाओं पर विराम लगाते हुए नवनीत राणा ने अपने फेसबुक हैंडल पर लिखा, “मैं भारतीय जनता पार्टी की एक ईमानदार, निष्ठावान और वफादार कार्यकर्ता हूं। इसलिए मैं किसी भी बड़े पद या उम्मीदवारी के लिए अपनी विचारधारा नहीं बदलूंगी। एनसीपी के शीर्ष नेताओं सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार ने निश्चित रूप से राज्यसभा के लिए मेरी उम्मीदवारी का समर्थन करने की इच्छा जताई थी और मेरे सांगठनिक काम पर पूरा भरोसा भी व्यक्त किया था, लेकिन उनका यह प्रस्ताव मेरे एनसीपी में शामिल होने की शर्त से जुड़ा हुआ था, जिसे मैंने तुरंत ठुकरा दिया।”
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सुझाव पर मांगा था भाजपा के लिए कोटा
समीकरणों का बड़ा खुलासा करते हुए नवनीत राणा ने दावा किया कि वे खुद से एनसीपी नेताओं के पास नहीं गई थीं। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विशेष सुझाव और रणनीति के तहत मैंने व्यक्तिगत रूप से सुनेत्रा पवार से मुलाकात की थी। इस बैठक में मैंने भाजपा नेतृत्व की ओर से अनुरोध किया था कि महायुति गठबंधन के तहत एनसीपी अपनी इस खाली हुई राज्यसभा सीट को भाजपा के कोटे के लिए छोड़ दे।” हालांकि, गठबंधन के आंतरिक समीकरणों के चलते यह कूटनीतिक प्रस्ताव धरातल पर साकार नहीं हो सका। राणा ने उनके नाम पर विचार करने और उनकी राजनीतिक क्षमता पर विश्वास जताने के लिए सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार का शिष्टाचार के नाते आभार भी जताया।
सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर 18 जून को उपचुनाव
आपको बता दें कि यह पूरी राजनीतिक हलचल उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के सांसद पद से इस्तीफा देने के कारण पैदा हुई है। सुनेत्रा पवार ने हाल ही में हुए बारामती विधानसभा उपचुनाव में एक ऐतिहासिक और प्रचंड जीत दर्ज की थी, जिसके बाद उन्होंने नियमों के तहत संसद के उच्च सदन की सदस्यता से पिछले महीने आधिकारिक तौर पर त्यागपत्र दे दिया था।
खाली हुई इस बेहद महत्वपूर्ण सीट पर चुनाव आयोग द्वारा आगामी 18 जून 2026 को उपचुनाव कराने का एलान किया गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने इस सीट पर अपनी दावेदारी मजबूत रखते हुए महाराष्ट्र विधान परिषद के पूर्व सदस्य (MLC) राजेंद्र जैन को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। इस उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम समयसीमा बीते कल यानी 8 जून को समाप्त हो चुकी है।

