नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली और ईंधन बचाने की विशेष अपील का असर अब खुद देश की केंद्रीय कैबिनेट में शीर्ष स्तर पर दिखने लगा है। बुधवार (3 जून 2026) को आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की उच्च स्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए तीन वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री— शिवराज सिंह चौहान, सी.आर. पाटिल और जी. किशन रेड्डी अलग-अलग सरकारी गाड़ियों के बजाय एक ही वाहन में ‘कारपूलिंग’ (Carpooling) करके पहुंचे।
क्या बताया केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने?
इस सराहनीय और प्रेरणादायक पहल पर मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय-समय पर देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की अनावश्यक खपत को कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की है, जिसे अब पूरे देश में सकारात्मक और व्यापक जन-समर्थन मिल रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने आगे बताया, “चूंकि हम तीनों ही केंद्रीय कैबिनेट में सहयोगी हैं और हमारा गंतव्य (कैबिनेट बैठक स्थल) भी एक ही था, इसलिए हमने भी आज कारपूलिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री के इस राष्ट्रव्यापी पर्यावरण और ईंधन बचत अभियान में अपना एक छोटा सा योगदान देने का सामूहिक फैसला किया।”
नागरिकों से भी की कारपूलिंग अपनाने की अपील
शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच की जमकर सराहना करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों में कच्चे तेल, डीजल व पेट्रोल के अनावश्यक और अंधाधुंध उपयोग को नियंत्रित करना बेहद जरूरी हो गया है। यह न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था बल्कि आने वाली पीढ़ियों के पर्यावरण के लिए भी संजीवनी है। केंद्रीय मंत्री ने देश के आम नागरिकों, कामकाजी पेशेवरों और युवाओं से भी अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए कारपूलिंग तथा सार्वजनिक परिवहन जैसे पर्यावरण-अनुकूल प्रयासों में सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

