नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन नीट (NEET) पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला। सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए (NDA) सांसदों की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें उन्होंने सरकार के छात्रहितों के साथ मजबूती से खड़े रहने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब नीट पेपर कभी लीक नहीं होगा और इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।
हालांकि, सुबह 11:00 बजे जैसे ही लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदन स्थगित हो गए।
घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा
प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा लेडी हार्डिंग और राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचे। उन्होंने संसद मार्च के दौरान घायल हुए लोगों का हाल-चाल जाना। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कल के प्रदर्शन के दौरान 40 सुरक्षाकर्मी और 30 छात्र घायल हुए थे। अधिकांश सुरक्षाकर्मियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि दो छात्रों का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
नड्डा ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों की अनदेखी नहीं कर सकती। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर तीन मांगें रखी हैं, जिस पर सरकार के निर्णय के अनुसार आगे कदम उठाया जाएगा।
शाह के आवास पर रणनीति और संवाद की पहल
संसद में जारी गतिरोध और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बेहद सक्रिय नजर आए। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।
रणनीति के तहत सरकार ने प्रदर्शनकारियों से संवाद का रास्ता साफ किया, जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी के रणनीतिकार वैभव दास और आशुतोष राकां स्वास्थ्य मंत्री से मिलने पहुंचे। हालांकि, सरकार ने रुख साफ रखा है कि फिलहाल बिना विचार किए कोई सीधा आश्वासन नहीं दिया जाएगा।
संसद में आगे भी हंगामे के आसार
उधर, विपक्ष इस मुद्दे पर पूरी तरह आक्रामक रुख अपनाए हुए है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा नेता धर्मेंद्र यादव और आप सांसद संजय सिंह समेत पूरे विपक्ष ने सरकार को घेरा है।
विपक्ष नीट मामले पर संसद में तत्काल चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। विपक्ष के कड़े तेवरों को देखते हुए आने वाले दिनों में भी संसद में हंगामे के पूरे आसार हैं।

