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Friday, June 12, 2026

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झुकेंगे नहीं, एक इंच पीछे हटने का सवाल ही नहीं: बगावत और CID की कार्रवाई पर अभिषेक बनर्जी का पहला बड़ा बयान; अमित शाह पर साधा निशाना

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में मची ऐतिहासिक राजनीतिक उथल-पुथल और पार्टी के भीतर जारी गृहयुद्ध के बीच, टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार (12 जून 2026) को पहली बार मीडिया के सामने अपनी चुप्पी तोड़ी है। पार्टी में लगातार हो रही बड़ी टूट और आंतरिक कलह की आहट के बीच अभिषेक बनर्जी ने वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी के बयानों और सीआईडी (CID) की लगातार कड़ा होती जा रही कानूनी कार्रवाई पर बेहद सधे हुए लेकिन आक्रामक अंदाज में अपनी प्रतिक्रिया दी है।

कल्याण बनर्जी के बयान पर बोले— ‘वे मुझसे बड़े हैं, मैं कुछ नहीं कहूंगा’

हाल ही में टीएमसी के दिग्गज नेता कल्याण बनर्जी द्वारा दिए गए बयानों से उपजे आंतरिक विवाद को शांत करने की कोशिश करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, “कल्याण बनर्जी संगठन में मुझसे काफी वरिष्ठ और उम्र में बड़े हैं। उन्होंने मुझे बचपन से देखा है और लोकतंत्र में उन्हें अपनी निजी राय खुलकर रखने का पूरा अधिकार है। मैं उनके द्वारा की गई किसी भी टिप्पणी के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहूंगा।” ### ’14 जून को फिर जाऊंगा CID दफ्तर, जांच में सहयोग करना मेरी आदत’ पश्चिम बंगाल विधानसभा के कथित ‘हस्ताक्षर जालसाजी मामले’ में भवानी भवन (सीआईडी मुख्यालय) में हुई अपनी पेशी को लेकर अभिषेक बनर्जी ने जांच की अगली तारीखों का खुलासा किया। उन्होंने बताया:

  • लंबी पूछताछ: “आप सभी को पता है कि मुझे सीआईडी ने पूछताछ के लिए तलब किया था, जहां मैं लगभग साढ़े पांच घंटे तक रहा और उनके सभी तकनीकी सवालों के जवाब दिए।”
  • अगला समन: “सीआईडी ने मुझे आगामी 14 जून 2026 को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया है। मैं उस दिन भी तय समय पर जांच अधिकारियों के सामने उपस्थित रहूंगा, क्योंकि मैं हमेशा कानूनी और जांच एजेंसियों की प्रक्रियाओं में पूरा सहयोग करता हूं।”
  • घर पर नोटिस देने का विवाद: अभिषेक बनर्जी ने अपने आवास पर सीआईडी अधिकारियों के पहुंचने के घटनाक्रम पर हैरानी जताते हुए कहा कि उन्होंने एजेंसी से अनुरोध किया था कि यदि वे घर पर मौजूद न हों, तो नोटिस किसी अन्य प्रतिनिधि को सौंप दिया जाए। लेकिन अधिकारियों ने उनके लौटने का इंतजार किया। उन्होंने कहा कि जब जांच में सहयोग की पूरी तैयारी है, तो इस तरह का माहौल बनाने की आवश्यकता नहीं है।

‘अमित शाह के खिलाफ क्यों दर्ज नहीं हुई एफआईआर? सरकार बदलते ही बदले की कार्रवाई’
केंद्र सरकार और राज्य के नए राजनीतिक समीकरणों पर तीखा प्रहार करते हुए अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इस विवाद में घसीट लिया। उन्होंने दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए पूछा, “चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए मेरे बयानों को लेकर तब किसी ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। लेकिन अब जैसे ही राज्य की राजनीतिक सत्ता बदली है, मेरे खिलाफ बदले की भावना से लगातार एक के बाद एक नए मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। यदि बयानों को ही आधार बनाना है, तो चुनाव के दौरान उकसावे वाले भाषण देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज क्यों नहीं की?”

सीआईडी की सूचनाएं लीक होने के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगा बनर्जी खेमा

अभिषेक बनर्जी ने मीडिया ट्रायल और कतिपय खबरों पर गहरी नाराजगी जताते हुए एलान किया कि सीआईडी मुख्यालय के भीतर होने वाली गोपनीय पूछताछ की जानकारियों को कुछ चुनिंदा सूत्रों के जरिए बाहर लीक किया जा रहा है। चूंकि यह मामला अभी पूरी तरह अदालत के विचाराधीन (Sub-judice) है, इसलिए वे खुद कोई भी आंतरिक जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं। इस कूटनीतिक सूचना लीक के खिलाफ वे बहुत जल्द कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) में याचिका दायर करेंगे।

उन्होंने विरोधियों और बागियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा, “हम इस राजनीतिक और कानूनी लड़ाई में एक इंच भी पीछे नहीं हटने वाले हैं। आप केंद्रीय एजेंसियों का डर दिखाकर या दवाब बनाकर हमें कभी झुका नहीं सकते। चंद विधायकों और सांसदों को डराकर या साथ लेकर तृणमूल कांग्रेस के वजूद को समाप्त नहीं किया जा सकता।” उन्होंने चुनावी वादों पर तंज कसते हुए नई व्यवस्था से कहा कि जनता को ‘अन्नपूर्णा भंडार’ देने की बात कही गई थी, लेकिन आज धरातल पर स्थितियां पूरी तरह विपरीत हैं।

अभिषेक खुद जवाब देने में सक्षम, मेरा कोई कमेंट नहीं: कुणाल घोष

इस बीच, सीआईडी की टीम द्वारा अचानक अभिषेक बनर्जी के हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित निजी आवास पर पहुंचने और नोटिस तामील कराए जाने की घटना पर टीएमसी के वरिष्ठ विधायक और पूर्व प्रवक्ता कुणाल घोष ने दूरी बना ली है। जब मीडिया ने कुणाल घोष से पार्टी के भीतर मचे इस घमासान और सीआईडी के कसते शिकंजे पर प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने बेहद नपे-तुले शब्दों में कहा, “अभिषेक बनर्जी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं और वे अपने कानूनी व व्यक्तिगत मामलों पर खुद पूरी तरह जवाब देने में सक्षम हैं। इस विशिष्ट कानूनी विषय पर मेरी कोई व्यक्तिगत टिप्पणी या कमेंट नहीं है।”

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