नामची (दक्षिण सिक्किम): सिक्किम के मुख्यमंत्री ने डेयरी क्षेत्र को राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वास्तविक रीढ़ और विकास का मुख्य आधार बताया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार (1 जुलाई 2026) को दक्षिण सिक्किम के नामची स्थित टाउन हॉल में आयोजित राज्य स्तरीय ‘ग्वाला दिवस-2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य के दुग्ध किसानों और सहकारी समितियों के निरंतर विधिक व व्यावहारिक प्रयासों से सिक्किम का डेयरी आंदोलन लगातार मजबूत और आत्मनिर्भर हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और एक आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में सहकारिता मॉडल (Cooperative Model) की भूमिका सर्वोपरि है।
1. उत्कृष्ट सहकारी समितियों और मेधावी छात्रों का विधिक सम्मान
इस राज्य स्तरीय समारोह के दौरान डेयरी क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं अनुकरणीय योगदान देने वाले उत्पादकों, सर्वश्रेष्ठ समितियों और ग्वाला समुदाय के मेधावी विद्यार्थियों को विधिक रूप से पुरस्कृत व सम्मानित किया गया:
- सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां (पुरस्कार सूची):
- प्रथम पुरस्कार: पाब्यूइक मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी (गंगटोक जिला)
- द्वितीय पुरस्कार: अपर शंखू मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी (ग्यालशिंग जिला)
- तृतीय पुरस्कार: अपर श्रीबादाम मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी (सोरेंग जिला)
- विशेष सम्मान: विभिन्न जिलों के प्रगतिशील दुग्ध उत्पादकों के साथ-साथ ग्वाला समुदाय के मेधावी छात्र आदित्य पांडेय को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक विधा के लिए सम्मानित किया गया।
नए डेयरी उत्पादों और ग्रामीण आजीविका पहलों का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा सिक्किम कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन के कई नए और मूल्यवर्धित (Value-added) डेयरी उत्पादों को विधिक रूप से बाजार में लॉन्च किया गया। इसके साथ ही, किसानों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने, सहकारी संस्थाओं की विधिक संरचना को मजबूत करने और ग्रामीण आजीविका को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से कई नई वित्तीय व ढांचागत योजनाओं की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में विश्वास जताया कि राज्य सरकार के निरंतर नीतिगत व विधिक सहयोग और किसानों की सक्रिय भागीदारी के बल पर सिक्किम का डेयरी क्षेत्र आने वाले वर्षों में और अधिक आधुनिक, वैज्ञानिक और आर्थिक रूप से लाभप्रद बनेगा, जिससे राज्य के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को एक नई और टिकाऊ गति मिलेगी।

