सूरत: गुजरात के सूरत शहर में पुलिस की मुस्तैदी और अदम्य साहस की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने खाकी के प्रति जनता का सम्मान और बढ़ा दिया है। एक युवक द्वारा कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी की कोशिश करने की सूचना पर सूरत पुलिस के जवानों ने बिना एक भी पल गंवाए ‘फरिश्ता’ बनकर उसकी जान बचा ली। इस दौरान एक जांबाज पुलिस कांस्टेबल ने अपनी जान की परवाह न करते हुए गगनचुंबी इमारत की सातवीं मंजिल पर हवा में लटककर फ्लैट के भीतर प्रवेश किया और मौत के मुंह से युवक को खींच लाया।
कंट्रोल रूम की एक कॉल पर दौड़ पड़ी ‘डायल 112’ की टीम
यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना 8 जून 2026 की शाम की है। सूरत सिटी पुलिस कंट्रोल रूम में एक घबराई हुई महिला का फोन आया। महिला ने रोते हुए बताया कि उसका पति कामरेज थाना क्षेत्र के लसकाना इलाके में स्थित एक बहुमंजिला इमारत के फ्लैट में अकेले मौजूद है। उसने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया है और वह आत्महत्या (Suicide Attempt) करने की कोशिश कर रहा है। महिला ने पुलिस से हाथ जोड़कर तुरंत मदद की गुहार लगाई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कंट्रोल रूम ने तुरंत लसकाना पुलिस स्टेशन की डायल 112 (ERSS) टीम, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को जीपीएस (GPS) लोकेशन ट्रैक कर मौके पर रवाना किया।
7वीं मंजिल का फ्लैट अंदर से था बंद; हवा में मौत को मात देकर खिड़की से कूदा जवान
पुलिस की डायल 112 टीम सबसे पहले मौके पर पहुंची। जब पुलिसकर्मी सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट के मुख्य दरवाजे पर पहुंचे, तो पाया कि दरवाजा अंदर से पूरी तरह लॉक था। अंदर से कोई आवाज या प्रतिक्रिया नहीं मिल रही थी और वक्त रेत की तरह हाथ से निकला जा रहा था। ऐसे में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों या दरवाजे को तोड़ने का इंतजार करने में युवक की जान जा सकती थी।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए लसकाना थाने के कांस्टेबल शैलेश चुडासमा और उनके साथी वाहन चालक कृपालसिंह गोहिल ने एक हैरतअंगेज फैसला लिया। दोनों बगल वाले पड़ोसी के फ्लैट की गैलरी में गए। इसके बाद कांस्टेबल शैलेश चुडासमा ने बिना किसी सुरक्षा बेल्ट या उपकरण के, सातवीं मंजिल की इमारत की बाहरी लोहे की ग्रिल को पकड़ा और खतरनाक तरीके से हवा में आगे बढ़े। नीचे सैकड़ों फीट गहरी खाई थी, लेकिन कांस्टेबल शैलेश ने पैर जमाए रखे और खिड़की का शीशा खोलकर फ्लैट के भीतर छलांग लगा दी। अंदर घुसते ही उन्होंने देखा कि युवक फर्श पर पड़ा तड़प रहा था। कांस्टेबल ने तुरंत उसे काबू किया और उसके हाथ से बाकी बचा जहरीला पदार्थ दूर फेंका।
एंबुलेंस का इंतजार किए बिना अपनी ही गाड़ी से भागे पुलिसकर्मी
फ्लैट के भीतर घुसते ही कांस्टेबल ने मुख्य दरवाजा खोला। युवक लगातार उल्टियां कर रहा था और उसकी पल्स गिर रही थी। पुलिस टीम ने 108 एंबुलेंस के आने का इंतजार करने में समय बर्बाद नहीं किया। वे तुरंत तड़पते हुए युवक को गोद में उठाकर नीचे लाए और अपनी सरकारी पीसीआर (PCR) वैन में डालकर अस्पताल की तरफ दौड़ पड़े। रास्ते में जब उन्हें सामने से आती एंबुलेंस मिली, तो युवक को उसमें शिफ्ट कर प्राथमिक उपचार देते हुए तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। बताया गया है कि युवक सूरत के प्रसिद्ध हीरा कटिंग और पॉलिशिंग उद्योग (Diamond Industry) से जुड़ा हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इलाज मिलने से अब उसकी हालत खतरे से बाहर और स्थिर है।
सोशल मीडिया पर रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो वायरल; गृह मंत्री हर्ष संघवी ने सराहा
इस पूरे जांबाज रेस्क्यू ऑपरेशन का एक लाइव वीडियो पड़ोसी फ्लैट के नागरिक ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया था, जो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक कांस्टेबल देश के नागरिकों की रक्षा के लिए अपनी जान दांव पर लगाकर सातवीं मंजिल की ग्रिल पर स्पाइडरमैन की तरह आगे बढ़ रहा है। इंटरनेट पर लोग सूरत पुलिस की बहादुरी और तत्परता की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने भी इस बहादुरी भरे रेस्क्यू ऑपरेशन की सराहना करते हुए सोशल मीडिया पर जवानों की पीठ थपथपाई है। गृह मंत्री संघवी ने डायल 112 टीम और कांस्टेबल शैलेश चुडासमा को विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि अगर पुलिस के ये जवान अपनी जान जोखिम में डालकर कुछ ही मिनटों के भीतर कार्रवाई नहीं करते, तो एक बेकसूर की जान चली जाती। खाकी का यह मानवीय और साहसी चेहरा पूरे महकमे के लिए प्रेरणादायक है।

