गृह मंत्रालय के पास विचाराधीन है बिल, सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया दावों को बताया ‘फेक न्यूज’
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उन तमाम मीडिया रिपोर्टों को पुरजोर तरीके से खारिज किया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्य के प्रस्तावित ‘एंटी-गुंडा बिल’ को कुछ प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया है। मुख्यमंत्री ने ऐसी सभी खबरों को ‘फेक न्यूज’ और पूरी तरह निराधार करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विधेयक अभी राष्ट्रपति भवन तक पहुंचा ही नहीं है, बल्कि वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास सामान्य प्रशासनिक व कानूनी प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है।
शुक्रवार देर शाम राज्य सचिवालय में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि मीडिया के एक वर्ग में प्रसारित दावों का कोई वैधानिक आधार नहीं है। राज्य में संगठित अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से विधानसभा से पारित यह विधेयक तय कानूनी प्रक्रियाओं के तहत केंद्र सरकार के समक्ष समीक्षाधीन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक केंद्रीय गृह मंत्रालय के स्तर से समीक्षा पूरी नहीं हो जाती, तब तक राष्ट्रपति द्वारा इसे लौटाए जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने जनता और मीडिया से भ्रामक सूचनाओं व अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए दोहराया कि सरकार राज्य में कानून का राज स्थापित करने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

