द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के सवालों का जवाब न देने का आरोप; फॉर्म-6, ईसीआईनेट और गोवा के मामलों पर उठाए सवाल
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस पार्टी और भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के बीच तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शनिवार को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए हालिया आधिकारिक स्पष्टीकरण को सिरे से खारिज करते हुए तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट को ‘बहुत कमजोर, बहुत कम और बहुत देर से’ (टू वीक, टू लिटिल, टू लेट) उठाया गया कदम करार देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पद से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया साझा करते हुए पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का यह स्पष्टीकरण एक राष्ट्रीय अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की पड़ताल रिपोर्ट में उठाए गए बुनियादी और गंभीर सवालों का समग्र रूप से जवाब देने में पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि निष्पक्ष और पारदर्शी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए निर्वाचन प्रणाली से जुड़े तकनीकी व प्रक्रियात्मक संदेहों का समाधान बेहद जरूरी है, जिसे आयोग टालने की कोशिश कर रहा है।
कांग्रेस नेता ने खासतौर पर नए मतदाता पंजीकरण से संबंधित फॉर्म-6 के निपटारे, आंतरिक तकनीकी प्लेटफॉर्म ‘ईसीआईनेट’ (ECINet) की कार्यप्रणाली और गोवा में सामने आए 97 मतदाताओं से जुड़े संदिग्ध मामलों का विस्तार से हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि इन बेहद संवेदनशील मुद्दों पर आयोग के पास कोई ठोस और संतोषजनक तर्क नहीं है। खेड़ा ने जोर देकर कहा कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को अपनी विफलता की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।

