तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने शानदार वापसी करते हुए 140 में से 102 सीटों पर कब्जा जमाया है। कांग्रेस अकेले 63 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, जबकि उसके सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की है। हालांकि, इस बड़ी जीत के बाद अब राज्य में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर पार्टी के भीतर खींचतान शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री की दौड़ में तीन बड़े नाम
कांग्रेस के भीतर फिलहाल मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख चेहरों के बीच मुकाबला देखा जा रहा है:
- वी.डी. सतीशन: विपक्ष के नेता रहे सतीशन को चुनाव प्रचार का मुख्य चेहरा माना जाता है।
- के.सी. वेणुगोपाल: कांग्रेस महासचिव और पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के कद्दावर नेता।
- रमेश चेन्निथला: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अनुभवी राजनीतिज्ञ।
के.सी. वेणुगोपाल के खिलाफ पोस्टर और उपचुनाव का डर
अलाप्पुझा में आज माहौल तब गरमा गया जब वाईएमसीए (YMCA) ब्रिज और मट्टनचेरी ब्रिज पर कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के खिलाफ पोस्टर चस्पा पाए गए। इन पोस्टरों पर लिखा था कि “ऐसे कदमों से बचें जिनसे अलाप्पुझा में उपचुनाव थोपा जाए।” यह संकेत वेणुगोपाल के मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में उनकी वर्तमान सीट खाली होने और दोबारा चुनाव होने की आशंका की ओर था।
जवाब में, वेणुगोपाल के समर्थकों ने भी पोस्टर जारी किए, जिनमें उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में पेश किया गया जिसने कठिन समय में आगे बढ़कर पार्टी का नेतृत्व किया।
वी.डी. सतीशन के समर्थन में प्रदर्शन
वहीं दूसरी ओर, वी.डी. सतीशन के समर्थकों ने नेट्टूर में जोरदार प्रदर्शन किया। समर्थकों की मांग है कि सतीशन को ही केरल का अगला मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए, क्योंकि उनके नेतृत्व में UDF ने 100 से अधिक सीटें जीतकर वामपंथी गठबंधन (LDF) के 10 साल के शासन को उखाड़ फेंका है।
पार्टी आलाकमान के लिए अब इन तीनों गुटों के बीच सामंजस्य बिठाकर किसी एक नाम पर मुहर लगाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। फिलहाल, राज्य में राजनीतिक गहमागहमी चरम पर है और सभी की नजरें दिल्ली से आने वाले अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

