जींद (हरियाणा): भारतीय रेलवे ने यात्रियों के सफर को बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है। हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच चलाई जा रही इस आधुनिक ट्रेन का किराया काफी कम रखा गया है, लेकिन इसके बावजूद शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाई है।
विकल्प अधिक होने के कारण कम दिख रही भीड़
जींद-सोनीपत रूट पर पहले से ही कई पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं, जिससे यात्रियों के पास सफर के लिए कई विकल्प मौजूद हैं।
- इस मार्ग पर पहली पैसेंजर ट्रेन सुबह 6:15 बजे जींद जंक्शन से रवाना होती है।
- इसके बाद सुबह 7:40 बजे हाइड्रोजन ट्रेन सोनीपत के लिए चलती है।
- पहले दिन इस ट्रेन में करीब 20 यात्रियों ने सफर किया और दूसरे दिन भी आंकड़ा लगभग इतना ही रहा।
हालांकि, रेलवे अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे लोगों को इस ट्रेन के समय और सुविधाओं के बारे में जानकारी मिलेगी, यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
शून्य प्रदूषण: धुआं नहीं, केवल पानी की भाप छोड़ती है ट्रेन
यह ट्रेन पारंपरिक डीजल के बजाय एडवांस्ड फ्यूल सेल तकनीक से चलती है। इसमें हाइड्रोजन और हवा की प्रतिक्रिया से बिजली पैदा की जाती है, जिससे ट्रेन के मोटर को ऊर्जा मिलती है। इस पूरी प्रक्रिया में शून्य प्रदूषण होता है और धुएं की जगह केवल पानी की भाप (वाटर वेपर) निकलती है, जो इसे पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाती है।
ट्रेन में दी गई हैं ये आधुनिक सुविधाएं
10 कोच वाली इस हाइड्रोजन ट्रेन में एक बार में लगभग 2600 यात्री सफर कर सकते हैं। ट्रेन में यात्रियों के आराम और सुरक्षा के लिए कई आधुनिक फीचर्स शामिल किए गए हैं:
- मेट्रो ट्रेनों की तर्ज पर ऑटोमेटिक स्लाइडिंग दरवाजे।
- यात्रा संबंधी जानकारी देने के लिए डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड।
- यात्रियों के लिए आधुनिक पब्लिक अनाउंसमेंट (PA) सिस्टम।

