विदेश मंत्रालय ने पूजा स्थल पर हमले की कड़ी निंदा की, पाकिस्तान सरकार से तत्काल निष्पक्ष जांच की मांग
नई दिल्ली: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित नरोवाल जिले में करीब एक सदी (100 वर्ष) पुराने ऐतिहासिक हिंदू मंदिर को कथित तौर पर ध्वस्त किए जाने की घटना पर भारत ने अत्यंत सख्त और गंभीर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों पर लगातार हो रहे हमलों की कड़ी करार दिया है।
भारत ने इस मामले को लेकर पाकिस्तान सरकार के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराते हुए पूरे प्रकरण की त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।
नरोवाल के सिराज गांव का है मामला विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह घटना नरोवाल जिले के अंतर्गत आने वाले सिराज गांव की है, जहां स्थित लगभग 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को कथित रूप से नुकसान पहुंचाकर गिरा दिया गया।
अल्पसंख्यक समुदाय के इस ऐतिहासिक पूजा स्थल को नष्ट किए जाने की रिपोर्ट सामने आने के बाद भारत ने अल्पसंख्यकों और उनके धर्मस्थलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है। हालांकि, जारी किए गए आधिकारिक बयान में घटना से जुड़ी विस्तृत परिस्थितियों और जिम्मेदार तत्वों के संबंध में अतिरिक्त ब्योरा साझा नहीं किया गया है।
अल्पसंख्यकों के अधिकारों के संरक्षण की अपील भारत ने स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है कि पाकिस्तान अपने यहां रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा, उनके मानवाधिकारों और उनके धार्मिक स्थलों के संरक्षण की जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद प्रशासन से आग्रह किया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा ऐसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

