16 मतदान केंद्रों पर 279 फॉर्म-7 जमा कराने का दावा; निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की उठाई मांग
मंगलुरु/बेलथंगडी: कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बीच ‘फॉर्म-7’ के कथित दुरुपयोग को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। बेलगावी के बाद अब दक्षिण कन्नड़ जिले के बेलथंगडी विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम बड़ी संख्या में सूची से विलोपित कराने के लिए फॉर्म-7 जमा किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में बेलथंगडी से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे रक्षित शिवराम ने आरोप लगाया है कि विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एक तय रणनीति के तहत विशेष समुदाय के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
कांग्रेस नेता रक्षित शिवराम ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि बेलथंगडी विधानसभा क्षेत्र के 16 मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के नाम काटने के लिए कुल 279 फॉर्म-7 दाखिल किए गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से उजीरे क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि अकेले उजीरे के मतदान केंद्रों पर जमा किए गए 82 फॉर्म-7 सीधे तौर पर मुस्लिम मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से बाहर करने के लिए दिए गए हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग की मशीनरी का इस्तेमाल वास्तविक मतदाताओं के मताधिकार को छीनने के लिए किया जा रहा है।
शिवराम ने इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को रेखांकित करते हुए प्रशासनिक और विधिक स्तर पर विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि जिन लोगों के नाम पर ये आपत्तियां दाखिल की गई हैं, क्या वे वास्तविक हैं या फर्जी दस्तावेजों के जरिए नाम हटवाने की साजिश रची जा रही है।
हालांकि, किसी विशिष्ट समुदाय को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाने का यह आरोप फिलहाल कांग्रेस नेता के राजनीतिक दावे के तौर पर सामने आया है, लेकिन राज्य में चल रहे मतदाता सूची संशोधन विवाद के बीच इन आंकड़ों ने सियासी तापमान को काफी बढ़ा दिया है।

