अमेरिकी कांग्रेस के द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक; विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
नई दिल्ली: विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने हाल ही में रूस और ईरान पर लागू हुए नए अमेरिकी प्रतिबंध कानून ‘एसआरआईए’ (SRIA) के संभावित प्रभावों को लेकर भारत की गंभीर चिंताओं से अमेरिकी पक्ष को अवगत कराया है। उन्होंने यह मुद्दा अमेरिकी कांग्रेस के एक उच्च स्तरीय द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोजित आधिकारिक द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रमुखता से उठाया। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को औपचारिक बयान जारी कर इस कूटनीतिक चर्चा का विवरण साझा किया।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी नियमित द्वि-साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि यह अहम बैठक रविवार को राजधानी दिल्ली में संपन्न हुई थी। भारत दौरे पर आए अमेरिकी कांग्रेस के इस द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) की प्रभावशाली फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष ब्रायन मास्ट कर रहे थे।
ब्रीफिंग के दौरान प्रवक्ता ने रेखांकित किया कि बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ हालिया वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान भारतीय विदेश सचिव ने स्पष्ट किया कि रूस और ईरान को लक्षित कर लागू किए गए प्रतिबंध कानून के चलते भारत के ऊर्जा सुरक्षा हितों, कच्चे तेल के आयात, द्विपक्षीय व्यापार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। भारत ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला और देश के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए इन प्रतिबंधों के प्रभाव का समग्र आकलन किया जाना आवश्यक है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय पक्ष की चिंताओं को ध्यानपूर्वक सुना और दोनों पक्षों ने पारस्परिक हितों को संतुलित रखने के लिए संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।

