केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिली मंजूरी; दंगारोधी उपकरणों और आधुनिक हथियारों से लैस होंगे जवान
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर विपक्षी दलों और सीजेपी (सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस) के उग्र विरोध प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की जा रही है। राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़ा सुरक्षा घेरा तैयार किया है। आगामी दिनों में राजधानी की सड़कों पर प्रदर्शनकारियों और उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस का कड़ा रुख देखने को मिल सकता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती को हरी झंडी दे दी है। गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने के तुरंत बाद पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कुल 70 कंपनियों को तुरंत दिल्ली के लिए रवाना करने के औपचारिक आदेश जारी किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पहुंच रहे ये सभी जवान हर तरह के आधुनिक हथियारों, आंसू गैस और विशेष दंगारोधी उपकरणों से पूरी तरह लैस होंगे, ताकि संवेदनशील इलाकों में शांति व्यवस्था कायम रखी जा सके।
रणनीतिक योजना के तहत छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ की 30 विशेष कंपनियां दिल्ली पहुंच रही हैं। इनमें नक्सल प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात बीजापुर से 12 कंपनियां, सुकमा से 7 कंपनियां, कोंटा से 7 कंपनियां, जगदलपुर से 2 कंपनियां और दंतेवाड़ा से 2 कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल से सीआरपीएफ की 40 अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली भेजा जा रहा है। इन अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को संसद भवन, निर्वाचन आयोग मुख्यालय, इंडिया गेट और मध्य दिल्ली के तमाम प्रमुख प्रशासनिक भवनों के आसपास तैनात किया जाएगा।

