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Monday, October 12, 2026

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सिलीगुड़ी में दुर्गा पूजा से पहले पोस्टर अभियान पर विवाद: हिंदू दुकानों से खरीदारी की अपील

बिरयानी और पूजा सामग्री को लेकर शहर में लगे पोस्टर; वामपंथी दलों और स्थानीय लोगों ने की आलोचना

सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल के प्रमुख व्यापारिक और सांस्कृतिक केंद्र सिलीगुड़ी में दुर्गा पूजा उत्सव से पहले एक विशेष पोस्टर अभियान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखा विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े संगठन ‘हिंदू जागरण मंच’ ने शहर भर में पोस्टर लगाकर लोगों से केवल हिंदू दुकानदारों से ही खाद्य सामग्री और पूजा का सामान खरीदने का आह्वान किया है। इस अभियान के सार्वजनिक होते ही वामपंथी दलों और स्थानीय नागरिकों के एक वर्ग ने इसका कड़ा विरोध करते हुए इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास बताया है।

शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में लगाए गए पोस्टरों पर स्पष्ट संदेश लिखे गए हैं, जिनमें “हिंदू दुकान से बिरयानी खाएं” और “हिंदू दुकानों से पूजा सामग्री खरीदें” जैसे नारे शामिल हैं। इन पोस्टरों के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर बहस छिड़ गई है। आलोचकों का कहना है कि दुर्गा पूजा बंगाल का सर्वसमावेशी और सबसे बड़ा सांस्कृतिक उत्सव है, जहां सभी समुदायों के लोग एकजुट होकर भागीदारी करते हैं; ऐसे में इस तरह के अभियान विभाजनकारी साबित हो सकते हैं।

दूसरी तरफ, हिंदू जागरण मंच ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि यह किसी भी वर्ग पर थोपा गया कोई फरमान या आदेश नहीं है, बल्कि समुदाय के लोगों से की गई एक सामान्य आर्थिक अपील मात्र है। अभियान का नेतृत्व कर रहे मंच के सक्रिय सदस्य अभिषेक दास ने कहा कि संगठन का इरादा किसी का बहिष्कार करना नहीं बल्कि स्थानीय हिंदू व्यापारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि लोग उत्सवों के दौरान स्थानीय हिंदू कारोबारियों से खरीदारी करते हैं, तो इसका सीधा और सकारात्मक असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

विवाद बढ़ने के बाद स्थानीय पुलिस और नागरिक प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि उत्सव के माहौल में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे। वामपंथी संगठनों ने मांग की है कि ऐसे अभियानों पर रोक लगाई जाए जो समाज में अविश्वास पैदा करते हैं, जबकि आयोजक इसे कारोबारी जागरूकता और सांस्कृतिक अधिकार के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।

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