27.8 C
Mumbai
Saturday, September 26, 2026

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से गंभीर बीमारियों का खतरा: रोजाना 100 ग्राम अतिरिक्त सेवन से 14% बढ़ता है हृदय रोग का जोखिम

88.2 लाख लोगों पर हुए 51 अध्ययनों का निष्कर्ष, उच्च रक्तचाप, कैंसर और असमय मृत्यु के बढ़ते आंकड़ों पर चिंता

लंदन: चिप्स, पैकेज्ड स्नैक्स, इंस्टेंट नूडल्स, मीठे कार्बोनेटेड पेय और रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थ आधुनिक भागदौड़ भरी जीवनशैली में बेहद लोकप्रिय हो चुके हैं। कम समय में तैयार होने और लंबे समय तक खराब न होने की सुविधा के चलते लोग इन्हें दैनिक आहार में तेजी से शामिल कर रहे हैं। हालांकि, इन प्रसंस्कृत पदार्थों का बढ़ता उपभोग स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक साबित हो रहा है। करीब 88.2 लाख प्रतिभागियों को शामिल करने वाले 51 वैश्विक अध्ययनों के एक विस्तृत मेटा-विश्लेषण में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दैनिक आहार में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की मात्रा बढ़ने से कई जानलेवा बीमारियों का खतरा सीधे तौर पर बढ़ जाता है।

प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल ‘बीएमजे फैमिली मेडिसिन एंड कम्युनिटी हेल्थ’ (BMJ Family Medicine and Community Health) में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, रोजाना महज 100 ग्राम अतिरिक्त अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन करने से दिल के दौरे (हार्ट अटैक) और स्ट्रोक जैसी गंभीर हृदय संबंधी घटनाओं का जोखिम 14 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। इसके अलावा, इतनी ही अतिरिक्त मात्रा नियमित रूप से लेने पर उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) की आशंका 11 प्रतिशत और कैंसर का खतरा 4 प्रतिशत तक अधिक पाया गया है।

शोध के आंकड़ों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि इस प्रकार के खान-पान से किसी भी कारण से होने वाली असमय मृत्यु का समग्र जोखिम 3 प्रतिशत बढ़ जाता है। वहीं, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और टाइप-2 मधुमेह के खतरे में भी 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंग, प्रिजर्वेटिव्स, अत्यधिक सोडियम और अनहेल्दी फैट की प्रचुरता शरीर के मेटाबॉलिज्म को स्थायी नुकसान पहुंचाती है, इसलिए इनके दैनिक उपयोग पर तत्काल नियंत्रण जरूरी है।

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here