28.6 C
Mumbai
Saturday, October 17, 2026

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

अस्थायी ट्रस्टी से मंदिर की जमीन उपहार में नहीं ले सकती सरकार: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

धार्मिक संपत्तियों की रक्षा करना राज्य का कर्तव्य; तमिलनाडु के मंदिर से जुड़े मामले में दिया आदेश

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर और धार्मिक न्यासों की संपत्तियों के संरक्षण को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट शब्दों में व्यवस्था दी है कि राज्य सरकार किसी भी अस्थायी ट्रस्टी (फिट पर्सन) से मंदिर की जमीन उपहार या दान के रूप में हासिल नहीं कर सकती। अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि धार्मिक और धर्मार्थ संस्थानों की अचल संपत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षण करना राज्य सरकार का प्राथमिक संवैधानिक और प्रशासनिक दायित्व है। सरकार स्वयं ऐसी पवित्र संपत्तियों पर कब्जा नहीं कर सकती और न ही अपने किसी प्रशासनिक अधिकारी को ऐसा करने की अनुमति दे सकती है।

यह पूरा विवाद तमिलनाडु के इरोड जिले के कोडुमुडी गांव में स्थित ऐतिहासिक नागापलायम मरिअम्मन-पोननाचियम्मन मंदिर की बहुमूल्य भूमि से जुड़ा हुआ है। मंदिर की एक एकड़ और दस सेंट भूमि राजस्व रिकॉर्ड के सर्वे नंबर 36/4, 36/5 और 41/2 में दर्ज थी, जिसका समस्त प्रबंधन मंदिर ट्रस्ट के हाथों में था। 30 अगस्त 2017 को स्थानीय तहसीलदार ने एक विशेष प्रमाणपत्र जारी किया, जिसमें यह दर्शाया गया कि मंदिर के अस्थायी ट्रस्टी एस. भूपति ने यह भूमि सरकार को सौंप दी है। इसी आधार पर उसी दिन एक दान पत्र (गिफ्ट डीड) निष्पादित किया गया और राज्य सरकार की ओर से तहसीलदार ने इसे तत्काल स्वीकार कर लिया। प्रशासन की योजना इस विवादित भूमि पर नया तालुक कार्यालय भवन निर्मित करने की थी।

शीर्ष अदालत ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह से गैर-कानूनी और शक्ति का दुरुपयोग करार देते हुए रद्द कर दिया। अदालत ने रेखांकित किया कि अस्थायी ट्रस्टी का कार्य केवल मंदिर के दैनिक कामकाज और व्यवस्था की देखरेख करना होता है, न कि मंदिर की अचल संपत्तियों को दान करने या उनका स्वामित्व हस्तांतरित करने का। पीठ ने दो टूक कहा कि जब रक्षक ही भक्षक बनने की राह पर चलेगा, तो आस्था और धर्मार्थ संस्थाओं का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद मंदिर संपत्तियों के मनमाने अधिग्रहण पर रोक लगने की उम्मीद है।

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here