नई दिल्ली, 30 अप्रैल 2026
कैलाश मानसरोवर की पावन यात्रा का इंतजार कर रहे शिव भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। विदेश मंत्रालय ने वर्ष 2026 के लिए यात्रा कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। भारत और चीन सरकार के सहयोग से संचालित होने वाली यह यात्रा जून 2026 से अगस्त 2026 तक चलेगी।
1. यात्रा के दो प्रमुख मार्ग और क्षमता
इस वर्ष मंत्रालय ने यात्रा के लिए दो पारंपरिक मार्गों को मंजूरी दी है:
| मार्ग (Route) | प्रवेश द्वार (Pass) | जत्थों की संख्या | कुल यात्री क्षमता |
|---|---|---|---|
| उत्तराखंड मार्ग | लिपुलेख दर्रा | 10 जत्थे (50 प्रति जत्था) | 500 यात्री |
| सिक्किम मार्ग | नाथूला दर्रा | 10 जत्थे (50 प्रति जत्था) | 500 यात्री |
| कुल योग | 20 जत्थे | 1000 यात्री |
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2. डिजिटल चयन और पंजीकरण प्रक्रिया
मंत्रालय ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे पूरी तरह कंप्यूटरीकृत (Digital) रखा है:
- ऑनलाइन आवेदन: इच्छुक श्रद्धालु विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
- पारदर्शिता: यात्रियों का चयन कंप्यूटर द्वारा रैंडम ड्रा (Random Draw) के माध्यम से किया जाएगा।
- परामर्श: मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सूचनाओं के लिए पत्र या फैक्स न भेजें; वेबसाइट पर दिए गए ‘फीडबैक’ विकल्प का ही उपयोग करें।
3. महत्वपूर्ण तिथियां और नियम
- पंजीकरण की अंतिम तिथि: 19 मई 2026।
- विकल्प: आवेदकों के पास यह विकल्प होगा कि वे किसी एक विशेष मार्ग को चुनें या दोनों मार्गों के लिए अपनी प्राथमिकता दर्ज करें।
- सुरक्षा: मंत्रालय ने यात्रियों की शारीरिक फिटनेस और सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं, क्योंकि यह यात्रा अत्यधिक ऊंचाई और दुर्गम क्षेत्रों से होकर गुजरती है।
4. अन्य संबंधित यात्राएं (आदि कैलाश)
पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने आदि कैलाश यात्रा के लिए भी तैयारी तेज कर दी है। 28 अप्रैल से आदि कैलाश यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट जारी किए जा रहे हैं। साथ ही, पुराने लिपुपास से कैलाश दर्शन की अनुमति के लिए भी केंद्र सरकार से वार्ता जारी है।

