असम, पश्चिम बंगाल और केरल से हुई गिरफ्तारियां; ‘पूर्वा आकाश’ टेलीग्राम ग्रुप से फैला रहे थे कट्टरपंथ
गुवाहाटी: राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने मंगलवार को आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए देश के तीन राज्यों में एक साथ सघन छापेमारी की। जांच एजेंसी ने असम, पश्चिम बंगाल और केरल में कुल 16 अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ‘जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश’ (जेएमबी) से जुड़े 13 सक्रिय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तलाशी अभियान के दौरान केंद्रीय एजेंसी ने आरोपियों के पास से आपत्तिजनक डिजिटल दस्तावेज, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड बरामद कर जब्त कर लिए हैं।
एजेंसी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 13 गिरफ्तारियों में से सबसे अधिक 8 आरोपियों को असम के विभिन्न संवेदनशील इलाकों से दबोचा गया है। इसके अलावा 4 आरोपियों को पश्चिम बंगाल से तथा एक प्रमुख संदिग्ध को केरल से गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। सुरक्षा बलों के संयुक्त सहयोग से चलाए गए इस व्यापक अभियान से सीमा पार से संचालित हो रहे आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
यह पूरा मामला असम पुलिस द्वारा 28 दिसंबर 2025 को शुरू की गई जांच से जुड़ा हुआ है। उस दौरान असम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के अलग-अलग जिलों से 11 संदिग्धों को पकड़ा गया था। इसके बाद स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) पुलिस स्टेशन ने 30 दिसंबर 2025 को 35 नामजद आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से मुकदमा दर्ज किया था।
जांच में खुलासा हुआ है कि यह संगठित नेटवर्क इस्लामिक मूवमेंट ऑफ कश्मीर और जेएमबी के बांग्लादेश स्थित आकाओं द्वारा संचालित किया जा रहा था। सीमा पार बैठे हैंडलर्स “पूर्वा आकाश” नामक एक गोपनीय टेलीग्राम ग्रुप के जरिए भारतीय सीमा में युवाओं को बरगलाने और उनका ऑनलाइन ब्रेनवॉश (कट्टरपंथीकरण) करने का अभियान चला रहे थे। एनआईए की टीमें अब जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करा रही हैं, ताकि आतंकी फंडिंग और अन्य संभावित मॉड्यूल की कड़ियों को पूरी तरह बेनकाब किया जा सके।

