केंद्रीय और राज्य प्रयोगशालाओं में तय मानकों पर नहीं उतरीं दवाएं, हर महीने जारी होती है एनएसक्यू सूची
नई दिल्ली: देश में बिकने वाली दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। अगस्त 2026 के दौरान केंद्रीय और विभिन्न राज्यों की सरकारी दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं द्वारा लिए गए नमूनों की जांच में कुल 220 दवाओं के सैंपल तय गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को नियमित विनियामक निगरानी के बाद तैयार की गई यह आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक की।
प्राप्त विवरण के अनुसार, केंद्रीय दवा प्रयोगशालाओं (सेंट्रल ड्रग लेबोरेटरीज) द्वारा विभिन्न फार्मास्यूटिकल कंपनियों के उत्पादों के लिए गए नमूनों में से 29 दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में असफल रहीं। इसी तरह, अलग-अलग राज्यों की राज्य दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं (स्टेट ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरीज) द्वारा की गई जांच में 191 दवाओं के नमूनों को मानकों के विपरीत पाते हुए ‘मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं’ (नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी – एनएसक्यू) घोषित किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि देश के नागरिकों को सुरक्षित और प्रभावी दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सीडीएससीओ द्वारा देशव्यापी स्तर पर सख्त निगरानी रखी जाती है। इस नियमित नियामकीय प्रक्रिया के तहत केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन हर महीने देश भर के बाजारों से जुटाए गए नमूनों का परीक्षण करता है और गुणवत्ता विहीन व नकली पाई गई दवाओं की आधिकारिक सूची अपने सार्वजनिक पोर्टल पर जारी करता है। मंत्रालय ने संबंधित राज्य दवा नियंत्रकों को मानकों पर खरी न उतरने वाली इन दवाओं के संबंधित बैचों को बाजार से तुरंत वापस लेने और दोषी निर्माताओं के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

