गंभीर हमले के बाद भी कॉकपिट का गेट खोल यात्रियों को बचाया; भाजपा का आरोप- वोट बैंक की राजनीति के चलते चुप हैं राहुल
नई दिल्ली: फ्लाईदुबई के यात्री विमान में उड़ान के दौरान हुए जानलेवा हमले के बीच भारतीय पायलट स्मित मच्छार के अदम्य साहस और सूझबूझ की चारों तरफ सराहना हो रही है। संकट की घड़ी में गंभीर शारीरिक हमले का शिकार होने के बावजूद पायलट स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों को समय रहते अंदर घुसने और उपद्रवी हमलावर पर काबू पाने का मौका मिल सका। इस साहसिक कदम के चलते विमान में सवार सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बची और विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित उतार लिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं स्मित मच्छार से फोन पर बात कर उनके अद्वितीय पराक्रम और पेशेवर कर्तव्यनिष्ठा की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
दूसरी तरफ, पायलट की वीरता के इस मामले ने अब देश में तीखा सियासी मोड़ ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर इस संवेदनशील और गौरवपूर्ण घटना पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए तीखे सवाल दागे हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने औपचारिक बयान जारी करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार के शौर्य के समर्थन में अब तक कोई भी सार्वजनिक संदेश या बयान जारी नहीं किया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी देश और दुनिया के तमाम छोटे-बड़े विषयों पर सोशल मीडिया के माध्यम से नियमित रूप से अपनी राय व्यक्त करते रहते हैं, लेकिन इतने बड़े संकट में देश का नाम रोशन करने वाले जांबाज पायलट अथवा उनके पीड़ित परिवार के पक्ष में उन्होंने एक भी पोस्ट या वीडियो संदेश साझा करने की जहमत नहीं उठाई।
भाजपा प्रवक्ता ने आगे दावा किया कि नेता प्रतिपक्ष की यह चुप्पी कोई सामान्य संयोग नहीं है। उन्होंने सीधा राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी की इस कथित खामोशी के पीछे स्पष्ट रूप से वोट बैंक और तुष्टिकरण की संकीर्ण राजनीति काम कर रही है। भाजपा का कहना है कि जब पूरा देश और सरकार अपने साहसी पायलट के साथ खड़ी है, तब मुख्य विपक्षी दल के शीर्ष नेता का इस प्रकार मौन रहना उनकी राजनीतिक प्राथमिकताओं पर सवालिया निशान लगाता है।

