40 घंटे से अधिक सफर वाली ट्रेनों को उच्च प्राथमिकता; जोनल महाप्रबंधकों को नियमित निगरानी के निर्देश
नई दिल्ली: लंबी दूरी के रेल यात्रियों के सफर को अधिक सुगम, स्वच्छ और आरामदायक बनाने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड ने 40 घंटे या उससे अधिक समय में अपनी यात्रा पूरी करने वाली देश की 11 सबसे लंबी दूरी की ट्रेनों की विशेष पहचान की है। इन चिन्हित ट्रेनों में पूरी यात्रा के दौरान कोचों की नियमित सफाई और समग्र रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
लंबी दूरी के सफर में अक्सर बीच के स्टेशनों तक पहुंचते-पहुंचते बोगियों में गंदगी और पानी की किल्लत जैसी समस्याएं सामने आती हैं। यात्रियों की इसी असुविधा को दूर करने के लिए रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों (जीएम) को एक आधिकारिक पत्र जारी कर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कई दिनों तक चलने वाली इन ट्रेनों में प्रारंभिक स्टेशन से लेकर गंतव्य तक स्वच्छता का स्तर उच्चतम बना रहना चाहिए।
बोर्ड ने इन 11 ट्रेनों को ‘उच्च प्राथमिकता’ श्रेणी में शामिल किया है। नई कार्ययोजना के तहत यात्रा मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख ‘ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विसेज’ (ओबीएचएस) स्टेशनों और ‘क्लीन ट्रेन स्टेशन’ (सीटीएस) पर कोचों की गहन सफाई, शौचालयों की सैनिटाइजेशन और कचरा प्रबंधन की रियल-टाइम डिजिटल निगरानी की जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि उच्च स्तर से होने वाली इस सतत निगरानी से ट्रेनों में गंदगी से जुड़ी यात्रियों की शिकायतों में उल्लेखनीय कमी आएगी।

