पहला फ्लीट सपोर्ट शिप होगा लॉन्च; 218 करोड़ की शक्ति इंजन उत्पादन लाइन की रखी जाएगी आधारशिला
विशाखापत्तनम/सुनाबेड़ा: भारतीय रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से अधिक सशक्त बनाने की दिशा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को कई महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। अपने दौरे के पहले चरण में वे आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम पहुंचेंगे, जहां भारतीय नौसेना की समुद्री क्षमताओं को विस्तार देने के लिए तैयार किए गए पहले फ्लीट सपोर्ट शिप (एफएसएस-1) का औपचारिक जलावतरण (लॉन्च) करेंगे। इसके साथ ही श्रृंखला के पांचवें पोत यानी एफएसएस-5 के निर्माण की आधारशिला रखते हुए ‘कील बिछाने’ (Keel Laying) का कार्यक्रम भी संपन्न होगा।
हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल) के आधुनिकीकरण के तहत रक्षा मंत्री उन्नत किए गए स्लिपवे-4 और 300 टन की विशाल भारोत्तोलन क्षमता वाले ‘गोलियथ क्रेन’ का भी लोकार्पण करेंगे। इन आधुनिक ढांचागत सुविधाओं से युद्धपोतों और बड़े जहाजों के तीव्र एवं सुरक्षित निर्माण को नई गति मिलेगी।
विशाखापत्तनम के कार्यक्रमों के उपरांत रक्षा मंत्री ओडिशा के सुनाबेड़ा स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के कोरापुट डिवीजन पहुंचेंगे। यहां वे एचएएल इकाई द्वारा निर्मित 2,000वें एयरो इंजन की औपचारिक डिलीवरी से जुड़े महत्वपूर्ण समारोह में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही वे सैन्य हेलीकॉप्टरों की शक्ति बढ़ाने के लिए 218 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली शक्ति इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन का भूमिपूजन व शिलान्यास करेंगे।
कोरापुट में स्थापित होने वाली यह नई उत्पादन सुविधा रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है। 218 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार होने वाली इस आधुनिक इकाई का मुख्य उपयोग भारत के स्वदेशी सैन्य हेलीकॉप्टरों, जैसे ‘ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर’ (एएलएच) और ‘प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर’ (एलसीएच) की बढ़ती इंजन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए होगा। शक्ति इंजन कार्यक्रम वास्तव में भारत (एचएएल) और फ्रांस (सफ्रान हेलीकॉप्टर इंजन) का एक प्रतिष्ठित संयुक्त उद्यम है, जिसके तहत दोनों रक्षा संस्थान भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन जरूरतों के अनुरूप उन्नत टर्बोशाफ्ट इंजनों का सह-विकास और स्वदेशी निर्माण कर रहे हैं।

