खुद को आधिकारिक बताकर निजी व वित्तीय जानकारी चुराने की कोशिश; रजिस्ट्री ने sci.gov.in को ही बताया असली पोर्टल
नई दिल्ली:
उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की रजिस्ट्री ने गुरुवार को आम जनता, वादियों और वकीलों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा चेतावनी (Cyber Security Advisory) जारी की है। कोर्ट ने लोगों को एक फर्जी वेबसाइट के प्रति आगाह किया है, जो खुद को सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के रूप में पेश कर रही है।
रजिस्ट्री के अनुसार, साइबर अपराधी इस फर्जी पोर्टल का इस्तेमाल लोगों की निजी और गोपनीय वित्तीय जानकारी (Banking Details) चुराने और आंकड़ों की चोरी (Data Theft) के लिए कर रहे हैं।
फर्जी वेबसाइट की पहचान और आधिकारिक पोर्टल
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि साइबर ठगों द्वारा बनाई गई फर्जी वेबसाइट का पता sp-court-in.com है।
- आधिकारिक वेबसाइट: देश के सुप्रीम कोर्ट की एकमात्र आधिकारिक और पंजीकृत वेबसाइट
sci.gov.inहै। इसके अलावा अन्य कोई भी समानांतर (Phishing) वेबसाइट पूरी तरह से फर्जी और असुरक्षित है।
साइबर सुरक्षा के 5 मुख्य नियम
- फर्जी डोमेन से बचें:
sp-court-in.comपूरी तरह से एक फर्जी/फिशिंग वेबसाइट है। - आधिकारिक पोर्टल की पहचान: हमेशा ध्यान रखें कि आधिकारिक वेबसाइट केवल sci.gov.in है।
- यूआरएल (URL) जांचें: किसी भी संदिग्ध लिंक को खोलने से पहले उसका वेब एड्रेस जरूर चेक करें।
- गोपनीयता बनाए रखें: ऑनलाइन माध्यमों पर अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी किसी भी असुरक्षित पोर्टल पर साझा न करें।
- सत्यापन करें: किसी भी अदालती नोटिस या संदेश की सत्यता की जांच आधिकारिक स्रोतों से ही करें।
पहले भी जारी हो चुकी हैं चेतावनी और बचाव के उपाय
| पहलू | विवरण व एडवाइजरी |
| पूर्व में जारी चेतावनियां | रजिस्ट्री ने इससे पहले भी 16 जुलाई 2025 और 28 अप्रैल 2026 को ऐसी ही फर्जी और हुबहू दिखने वाली वेबसाइटों के खिलाफ देशव्यापी चेतावनी जारी की थी। |
| ठगी का शिकार होने पर क्या करें? | यदि किसी व्यक्ति ने गलती से अपनी जानकारी साझा कर दी है, तो वह तुरंत अपने सभी ऑनलाइन अकाउंट्स/ईमेल के पासवर्ड बदलें और संबंधित बैंक को सूचित कर कार्ड/खाता ब्लॉक करवाएं। |
सुप्रीम कोर्ट ने सभी हितधारकों को किसी भी डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है।

