महाराष्ट्र के भंडारा जिले में एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ एक महिला के साथ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि पुलिस अधिकारी ने महिला को अकेले में शिकायत के लिए बुलाकर यौन संबंध बनाने मांग की थी।
मामला महाराष्ट्र के भंडारा जिले का है। अनुसूचित जाति वर्ग की एक महिला जो कि भंडारा जिले के लखानी तहसील की निवासी है। वह महिला कुछ साल पहले नागपुर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी। वहां उस वह महिला किसी युवक के साथ रिलेशनशिप में थी। युवक ने महिला से शादी करने का वादा भी किया था। कुछ समय पहले युवक ने महिला से शादी करने से इंकार कर दिया। इसके बाद महिला डिप्रेशन में चली गई। स्थिति यहां तक बिगड़ गई कि वह आत्महत्या की कोशिश करने लगी। बाद में महिला ने खुद को समझाया और युवक की शिकायत करने का फैसला किया।
वह अपनी सहेली के साथ एसडीपीओ अशोक बागुल से उनके कार्यालय पहुंची। अधिकारी ने महिला की बात तो सुनी लेकिन बाद में उसे इस मुद्दे पर चर्चा के लिए अकेले में मिलने बुलाया। पुलिस के अनुसार 1 जून को महिला अधिकारी से मिलने पहुंची। जब वह उससे मिली तो अधिकारी ने उससे यौन संबंध बनाने की मांग की। दबाव में आकर महिला ने एक सामाजिक कार्यकर्ता से संपर्क किया। इसके बाद महिला ने कुछ अन्य लोगों के साथ एसपी मतानी से मुलाकात की। महिला ने अपनी आपबीती बताने के लिए एक पत्र सौंपा और एसडीपीओ बागुल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस के अनुसार महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर भंडारा सिटी पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात उप मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) अशोक बागुल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक लोहित मतानी ने एसडीपीओ के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की पुष्टि की। पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने एसडीपीओ के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 (ए) (यौन उत्पीड़न) और 509 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्द, इशारा या कृत्य) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। प्रभारी पुलिस निरीक्षक सुभाष बारसे मामले की जांच कर रहे हैं।

