गुवाहाटी, 30 मार्च 2026
असम के प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की संदिग्ध मौत के मामले में सोमवार को गुवाहाटी की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘डेली हियरिंग’ (दैनिक सुनवाई) शुरू कर दी है। न्यायाधीश शर्मिला भुयन की अदालत में इस मामले की कार्यवाही सुबह और दोपहर के दो सत्रों में संचालित की जा रही है। सोमवार को सुनवाई के दौरान मामले के मुख्य आरोपियों में से एक, गायक अमृतप्रभा महंता के वकील एके भुयन ने अपनी दलीलें पेश कीं। अदालत अब मंगलवार को दो अन्य प्रमुख आरोपियों—श्यामकनु महंता (सिंगापुर फेस्टिवल के आयोजक) और सिद्धार्थ शर्मा (जुबीन के सचिव)—की याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
जुबीन गर्ग की मौत पिछले साल 19 सितंबर को सिंगापुर में ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ के दौरान समुद्र में तैरते समय हुई थी। हालांकि, शुरुआती तौर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने नवंबर में विधानसभा में बयान दिया था कि यह स्पष्ट तौर पर ‘हत्या’ का मामला है। इसके बाद असम पुलिस के विशेष जांच दल (SIT) ने गहन जांच की और दिसंबर में सात लोगों के खिलाफ आरोपपत्र (Charge-sheet) दाखिल किया, जिनमें से चार पर हत्या की धाराएं लगाई गई हैं।
सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक जियाउल कामर ने बताया कि अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनी जा चुकी हैं और अब आरोपियों की याचिकाओं के बाद उनके जवाब दर्ज किए जाएंगे। वहीं, अदालत ने जुबीन के निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) नंदेश्वर बोरा की मोबाइल फोन वापस पाने की याचिका को खारिज कर दिया है। एसआईटी ने आरोपी सिद्धार्थ शर्मा के बैंक खातों को दोबारा फ्रीज करने की भी मांग की है, जिस पर दैनिक सुनवाई के दौरान विचार किया जाएगा। जुबीन की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने इस प्रक्रिया पर संतोष जताते हुए उम्मीद जताई है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की इस तेजी से उनके पति को जल्द न्याय मिल सकेगा।

