बेंगलुरु, 30 अप्रैल 2026
कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के भविष्य को लेकर एक बड़ा राजनीतिक दावा किया है, जिससे राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है।
1. बसवराज बोम्मई की भविष्यवाणी: “4 मई के बाद बड़ा बदलाव”
बोम्मई ने संकेत दिया है कि 4 मई (पांच राज्यों के चुनावी नतीजे आने के बाद) कर्नाटक में सत्ता का समीकरण बदल सकता है।
- नेतृत्व पर अनिश्चितता: बोम्मई ने कहा कि सिद्धारमैया की कुर्सी पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की संभावित भूमिका का भी जिक्र किया।
- खरगे की ‘इच्छा’ का जिक्र: बोम्मई के अनुसार, “खरगे ने खुद मुख्यमंत्री बनने की इच्छा व्यक्त की है। ऐसे में 4 मई के बाद यह देखना होगा कि सिद्धारमैया अपने पद पर बने रहते हैं या नहीं।”
2. मल्लिकार्जुन खरगे का स्पष्टीकरण: “कोई बदलाव नहीं”
भाजपा के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया:
- सिद्धारमैया पद पर रहेंगे: खरगे ने साफ किया कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन का फिलहाल कोई सवाल ही नहीं उठता। सिद्धारमैया मुख्यमंत्री के रूप में अपना काम जारी रखेंगे।
- फैसला ‘हाई कमांड’ का: उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि कभी ऐसा सवाल उठता भी है, तो सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मिलकर निर्णय लेंगे। उन्होंने खुद के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा को ‘मीडिया की उपज’ करार दिया।
3. बारिश और सरकार की ‘निष्क्रियता’ पर हमला
बोम्मई ने केवल राजनीति ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक मोर्चे पर भी सरकार को घेरा:
- बेंगलुरु में जलभराव: हाल ही में हुई भारी बारिश से बेंगलुरु में हुए नुकसान का हवाला देते हुए बोम्मई ने कांग्रेस सरकार को ‘पूरी तरह निष्क्रिय’ बताया। उन्होंने कहा कि चेतावनी के बावजूद सरकार ने कोई तैयारी नहीं की थी।
- येदियुरप्पा का ‘अभिमानोत्सव’: उन्होंने आगामी कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें करीब 10 लाख लोग जुटेंगे, जो राज्य में ‘बदलाव की लहर’ का संदेश देंगे।
अन्य प्रमुख अपडेट्स (30 अप्रैल 2026)
- एग्जिट पोल 2026: पांच राज्यों के चुनावों के एग्जिट पोल आ चुके हैं। ‘टुडेज चाणक्य’ के अनुसार पश्चिम बंगाल में भाजपा 192±11 सीटों के साथ बड़ी जीत दर्ज कर सकती है, जबकि ममता बनर्जी की टीएमसी 100±11 सीटों पर सिमट सकती है। असम में भी भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान है।
- 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission): जेसीएम (NC-JCM) ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। इसमें न्यूनतम वेतन को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने और फिटमेंट फैक्टर 3.83 रखने का प्रस्ताव दिया गया है। आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दी है।
निष्कर्ष: कर्नाटक में फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति है। 4 मई के चुनावी नतीजे न केवल पांच राज्यों बल्कि कर्नाटक की आंतरिक राजनीति की दिशा भी तय कर सकते हैं।

