कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज (9 जुलाई 2026) एक बहुत बड़ा और अप्रत्याशित सियासी घटनाक्रम देखने को मिला है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने वाले तीन पूर्व राज्यसभा सांसदों को पार्टी ने कुछ ही घंटों के भीतर एक बड़ा राजनीतिक इनाम दिया है। भाजपा ने सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बड़ाईक को पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी राज्यसभा उपचुनाव के लिए आधिकारिक तौर पर अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
इन तीनों कद्दावर नेताओं ने गुरुवार को ही भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की थी। पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने बिना कोई समय गंवाए कुछ ही घंटों में उनके नाम पर विधिक मुहर लगाकर राज्य की राजनीति में एक बेहद आक्रामक और मजबूत संदेश दे दिया है।
1. 24 जुलाई को होगा मतदान: अपनी ही खाली सीटों पर लड़ेंगे चुनाव
इस अभूतपूर्व राजनीतिक घटनाक्रम की विधिक और तकनीकी कड़ियां इस प्रकार हैं:
- इस्तीफे से खाली हुई थीं सीटें: यह राज्यसभा उपचुनाव उन्हीं तीन विशिष्ट सीटों पर आयोजित किया जा रहा है, जो इन तीनों नेताओं द्वारा तृणमूल कांग्रेस और सांसद पद से विधिक इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई थीं।
- चुनाव आयोग का शेड्यूल: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के विधिक कार्यक्रम के अनुसार, इन सीटों पर आगामी 24 जुलाई 2026 को मतदान (Voting) कराया जाएगा और उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे।
2. उपचुनाव के उम्मीदवारों का भौगोलिक एवं राजनीतिक विवरण
इस सियासी फेरबदल के बीच भाजपा द्वारा पश्चिम बंगाल और गुजरात के लिए जारी की गई विधिक उम्मीदवारों की सूची नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है:
| राज्य | सीट का प्रकार / निर्वाचन क्षेत्र | भाजपा उम्मीदवार का नाम | राजनीतिक पृष्ठभूमि व महत्व |
|---|---|---|---|
| पश्चिम बंगाल | राज्यसभा (उपचुनाव) | सुष्मिता देव | पूर्व टीएमसी सांसद, असम और बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़ा चेहरा। |
| पश्चिम बंगाल | राज्यसभा (उपचुनाव) | सुखेंदु शेखर रॉय | पूर्व टीएमसी सांसद, संसदीय प्रक्रियाओं और विधिक मामलों के विशेषज्ञ। |
| पश्चिम बंगाल | राज्यसभा (उपचुनाव) | प्रकाश चिक बड़ाईक | पूर्व टीएमसी सांसद, उत्तरी बंगाल के चाय बागान और जनजातीय क्षेत्रों में मजबूत पकड़। |
| गुजरात | विधानसभा (उपचुनाव) | सतीशभाई गोविंदभाई पटेल | मंजलपुर (Manjalpur) विधानसभा क्षेत्र से स्थानीय मजबूत सांगठनिक चेहरा। |
3. राजनीतिक मायने: बंगाल में टीएमसी को सीधी चुनौती
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बड़ाईक जैसे स्थापित चेहरों का एक साथ पाला बदलना ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के लिए एक गंभीर रणनीतिक झटका है। भाजपा ने इन नेताओं को तुरंत विधिक रूप से राज्यसभा का टिकट देकर यह साफ कर दिया है कि वह बंगाल में टीएमसी के भीतर असंतोष का पूरा लाभ उठाने के लिए तैयार है। यह कदम आगामी विधानसभा और स्थानीय विधिक चुनावों से पहले राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।

