नई दिल्ली: देश के करोड़ों मरीजों और आम जनता के लिए स्वास्थ्य के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने देश में दवाओं की मुनाफाखोरी पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा और निर्णायक विधिक कदम उठाया है। अब आम जनता को गंभीर और सामान्य दोनों तरह की बीमारियों के इलाज के लिए बेहद सस्ती दरों पर दवाएं मिलेंगी।
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने देश में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली 39 नई दवाओं के अधिकतम दाम (Ceiling Prices) तय कर दिए हैं। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय (Ministry of Chemicals and Fertilizers) ने इस फैसले की आधिकारिक विधिक अधिसूचना (Notification) भी जारी कर दी है। इस आदेश के बाद अब पूरे देश में ये सभी दवाएं एक ही निर्धारित कीमत पर बिकेंगी और कोई भी दवा कंपनी या मेडिकल स्टोर तय दाम से एक पैसा भी ज्यादा नहीं वसूल पाएगा।
1. इन गंभीर और आम बीमारियों की दवाएं हुईं सस्ती
सरकार ने इस बार उन दवाओं के रेट तय किए हैं, जिनका खर्च मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के बजट को पूरी तरह बिगाड़ देता है। इस विधिक आदेश के दायरे में निम्नलिखित श्रेणियां शामिल हैं:
- क्रोनिक बीमारियां: ब्लड प्रेशर (BP) और शुगर (मधुमेह) को नियंत्रित करने वाली नियमित दवाएं।
- गंभीर रोग: दिल की बीमारी (Cardiovascular), मिर्गी (Epilepsy), इन्फेक्शन और आंखों के इलाज से जुड़े साल्ट्स।
- जीवनरक्षक दवाएं: कैंसर (Cancer), एचआईवी (HIV) और गंभीर दर्द निवारक (Painkillers) जीवनरक्षक दवाएं अब बेहद कम कीमत पर उपलब्ध होंगी।
2. ज्यादा वसूली की तो खैर नहीं: सख्त विधिक प्रावधान
सरकार ने दवा निर्माता कंपनियों और रिटेलर्स को बहुत कड़ा विधिक संदेश दिया है। यदि कोई भी नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ निम्नलिखित सख्त विधिक कदम उठाए जाएंगे:
मुनाफाखोरी के खिलाफ विधिक ढांचा⎩⎨
⎧1. कानून का प्रयोग:2. वित्तीय दंडात्मक कार्रवाई:3. आपराधिक कार्रवाई:कार्रवाई **आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955** (Essential Commodities Act) के कड़े नियमों के तहत होगी।मरीजों से वसूली गई अतिरिक्त राशि को **ब्याज (Interest) सहित** सरकार विधिक रूप से वापस लेगी।दवाओं को ब्लैक या महंगे दामों पर बेचने वाले दुकानदारों और कंपनी मालिकों को **जेल की हवा** भी खानी पड़ सकती है।
3. NPPA की पैनी नजर और विधिक नियंत्रण
एनपीपीए के अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश के हर नागरिक तक सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता पहुंचाना है। सभी राज्यों के ड्रग कंट्रोलर्स (Drug Controllers) को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करें। नए विधिक रेट चार्ट को सभी फार्मेसियों में प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा, ताकि कोई भी मरीज कल्पित या बढ़ी हुई कीमतों का शिकार न हो।

