नई दिल्ली: विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने द्विपक्षीय और रणनीतिक संबंधों की मजबूत नींव को एक बार फिर रेखांकित किया है। नई दिल्ली में शनिवार (6 जून 2026) को नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के साथ हुई एक द्विपक्षीय उच्च स्तरीय बैठक में जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी जनता के आपसी जीवंत संबंधों, सीमा पार कनेक्टिविटी और साझा सांस्कृतिक-धार्मिक विरासत पर टिकी है। उन्होंने दोनों देशों के विकास के लिए स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीक को भविष्य का नया जरिया बताया।
‘विश्वास, सद्भाव और पारस्परिक लाभ पर आधारित हैं संबंध’
नेपाली विदेश मंत्री शिशिर खनाल के स्वागत में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “भारत और नेपाल के संबंध बेहद अनूठे और विशेष हैं। यह एक ऐसी मजबूत बुनियाद पर आधारित हैं, जिसमें दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी विश्वास, सद्भाव और पारस्परिक लाभ की भावना समाहित है।”
उन्होंने रेखांकित किया कि पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध आज व्यापार, वाणिज्य, बड़े निवेश, ऊर्जा कॉरिडोर, विकास सहयोग, उच्च शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे बहुआयामी क्षेत्रों में लगातार और तेजी से विकसित हो रहे हैं।
स्टार्टअप, AI और रिन्यूएबल एनर्जी में सहयोग की वकालत
बदलते वैश्विक परिदृश्य और तकनीक के दौर का जिक्र करते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने सहयोग के नए द्वारों को खोलने की वकालत की। उन्होंने कहा, “आज हमारे पास दोनों देशों के आर्थिक और तकनीकी विकास को स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) जैसे नए और उभरते क्षेत्रों में और आगे ले जाने का एक शानदार अवसर है।”
जयशंकर ने सुरक्षा चिंताओं पर बात करते हुए कहा कि दोनों देश अपनी लंबी, अनोखी और खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा (Open Border) की पवित्रता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार मिलकर रणनीतिक काम करते हैं।
वैश्विक संकट के बावजूद भारत ने नेपाल को दी निर्बाध ईंधन आपूर्ति
दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत और भरोसेमंद सहयोग का उदाहरण देते हुए विदेश मंत्री ने एक महत्वपूर्ण बात साझा की। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी गंभीर भू-राजनीतिक संकट और तेल आपूर्ति की बाधाओं के बावजूद, भारत ने एक सच्चे पड़ोसी का फर्ज निभाते हुए नेपाल के लिए पेट्रोलियम उत्पादों और ईंधन की निर्बाध (बिना रुकावट) आपूर्ति सुनिश्चित की है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत इस रिश्ते को कितना महत्व देता है, यह नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के प्रमुख रवि लामिछाने की हालिया सफल भारत यात्रा के दौरान भी साफ तौर पर दिखाई दिया था। नेपाली सरकार को शुभकामनाएं देते हुए जयशंकर ने कहा कि वर्तमान नेपाल सरकार के विकास लक्ष्यों और भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (Neighborhood First) नीति के बीच एक मजबूत और बेहतरीन समानता है।
संबंधों की दिशा को निर्णायक रूप से बदलने का समय
बैठक के समापन पर डॉ. जयशंकर ने दोनों देशों के राजनयिकों को एक स्पष्ट और मजबूत संदेश दिया। उन्होंने कहा, “सहयोग और दीर्घकालिक साझेदारी आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मुझे पूरा विश्वास है कि आज हमारे पास भारत-नेपाल संबंधों की दिशा को निर्णायक रूप से बदलने और उनकी छिपी हुई पूरी क्षमता (Full Potential) को साकार करने का एक स्पष्ट अवसर है। आज की हमारी यह विस्तृत चर्चा इस उद्देश्य को गति देने में मील का पत्थर साबित होगी।”

